कागज़ों में चमकता गांव, हकीकत में बजबजाती नालियां! वर्षों से सफाई न होने पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

ग्रंट नंबर-14 में नालियों में उगी घास और सड़ता पानी बना लापरवाही की गवाही, संचारी रोग अभियान पर उठे सवाल

 

बांकेगंज खीरी। स्मार्ट हलचल|एक ओर शासन संचारी रोग नियंत्रण अभियान पर करोड़ों रुपये खर्च कर गांव-गांव स्वच्छता और बीमारियों की रोकथाम के दावे कर रहा है, वहीं दूसरी ओर बांकेगंज ब्लॉक की ग्राम पंचायत ग्रंट नंबर-14 में जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। गांव की अधिकांश नालियां गंदगी से अटी पड़ी हैं, जगह-जगह जलभराव है और नालियों में उगी घास यह सवाल खड़ा कर रही है कि आखिर सफाई व्यवस्था कागजों तक ही सीमित क्यों है?

ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत में वर्षों से तैनात सफाईकर्मी राजेश कुमार नियमित सफाई करने नहीं आते। उनका कहना है कि सरकारी अभिलेखों में सफाई कार्य पूरा दिखा दिया जाता है, लेकिन धरातल पर नालियां महीनों तक साफ नहीं होतीं। परिणामस्वरूप गंदा पानी सड़कों और गलियों में जमा रहता है, जिससे दुर्गंध फैल रही है और मच्छरों का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि संचारी रोग नियंत्रण अभियान के दौरान भी न तो नालियों की प्रभावी सफाई कराई गई और न ही एंटी-लार्वा दवा का छिड़काव किया गया। ऐसे में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और अन्य संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि जिम्मेदार विभागों की निगरानी भी प्रभावी नहीं दिख रही है। यदि नियमित निरीक्षण होता, तो वर्षों से बनी यह स्थिति सामने आ जाती। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, खंड विकास अधिकारी और संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने तथा लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।