दिलखुश मीना
सावर(अजमेर)@स्मार्ट हलचल।राजस्थान में जल जीवन मिशन (JJM) का संचालन राज्य के लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) द्वारा किया जा रहा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक घर तक नल के माध्यम से सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है। योजना की लागत सामान्यतः केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा 50:50 के अनुपात में वहन की जाती है।
इसी बीच सावर पंचायत समिति क्षेत्र की कई ग्राम पंचायतों में जल जीवन मिशन के तहत संचालित नल कनेक्शनों को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि योजना के तहत वैध नल कनेक्शनों के साथ-साथ बड़ी संख्या में अवैध नल कनेक्शन भी संचालित किए जा रहे हैं। उनका कहना है कि योजना का लाभ लेने वाले प्रत्येक उपभोक्ता से लगभग 2100₹ 2500₹ 3000 रूपए की राशि वसूली गई थी, लेकिन इसके बावजूद कई स्थानों पर बिना वैध स्वीकृति के नल कनेक्शन चल रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांवों की गलियों और मोहल्लों में राजनीतिक प्रभाव रखने वाले कुछ लोगों द्वारा अवैध नल कनेक्शन कर लिए गए हैं, जिसके कारण योजना से विधिवत जुड़े उपभोक्ताओं को पर्याप्त मात्रा में पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। इससे नियमित जलापूर्ति प्रभावित हो रही है और आम उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) से मांग की है कि क्षेत्र में संचालित सभी नल कनेक्शनों का भौतिक सत्यापन कराया जाए तथा जिन कनेक्शनों का रिकॉर्ड जल जीवन मिशन के पोर्टल पर दर्ज नहीं है, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही ऐसे उपभोक्ताओं को नोटिस जारी कर अवैध कनेक्शन हटाने की कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि जल जीवन मिशन के पोर्टल पर दर्ज उपभोक्ताओं की संख्या और वास्तविक रूप से संचालित नल कनेक्शनों की संख्या में काफी अंतर है। उन्होंने विभाग से वास्तविक रिकॉर्ड की निष्पक्ष जांच कराने तथा यदि जांच में किसी अधिकारी, कर्मचारी या अन्य व्यक्ति की मिलीभगत सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
