स्मार्ट हलचल|
चित्तौड़गढ़ (स्मार्ट हलचल)राजस्थान में पिछले तीन वर्षों से बंद पड़े छात्र संघ चुनावों को पुनः बहाल कराने और युवाओं के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) अब आर-पार के मूड में आ गई है। एबीवीपी ने चित्तौड़गढ़ जिले के सभी महाविद्यालयों में एक साथ मोर्चा खोलते हुए उग्र विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और कार्यकर्ताओं ने कॉलेज परिसरों में नारेबाजी कर आक्रोश व्यक्त किया।
छात्र हितों और 5 सूत्री मांगों को लेकर खोला मोर्चा
मामले की जानकारी देते हुए एबीवीपी की जिला संयोजक अदिति कंवर भाटी ने बताया कि छात्र संघ चुनाव केवल राजनीति का जरिया नहीं, बल्कि आम छात्रों की आवाज उठाने और नए नेतृत्व को तराशने का एक लोकतांत्रिक माध्यम है। पिछले 3 साल से चुनाव न होने के कारण कॉलेजों में छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को सुनने वाला कोई नहीं है। आज जिले की सभी इकाइयों द्वारा विरोध प्रदर्शन कर उच्च शिक्षा मंत्री के नाम 5 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा गया।
🛑 ABVP की 5 प्रमुख मांगें:
- प्रदेश में बंद पड़े छात्रसंघ चुनाव तुरंत बहाल किए जाएं।
- अकादमिक कैलेंडर के अनुसार कॉलेजों में शिक्षण कार्य सुचारु रूप से चले।
- महाविद्यालयों में रिक्त पड़े पदों पर शीघ्र भर्ती प्रक्रिया पूरी हो।
- सभी महाविद्यालयों में स्थायी प्राचार्य की नियुक्ति की जाए।
- सभी कॉलेजों में ‘राजस्थानी भाषा’ का एक अलग विभाग बनाया जाए।
पूर्व सीएम पर निशाना और उग्र आंदोलन की चेतावनी
जिला संयोजक अदिति कंवर भाटी ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले अपने कार्यकाल में उन्होंने खुद चुनाव बंद किए और अब राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए इस मुद्दे का सहारा ले रहे हैं, जो उनका दोहरा चरित्र दर्शाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि परिषद की इन 5 सूत्री मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा।
जिलेभर की कॉलेज इकाइयों में रहा प्रदर्शन का असर
एबीवीपी के इस जिलेव्यापी विरोध प्रदर्शन के तहत चित्तौड़गढ़ मुख्य शहर, बस्सी, बेगू, गंगरार, कपासन, घोसुंडा, निंबाहेड़ा और श्री सांवरिया जी शासकीय कॉलेज इकाइयों में एक साथ उग्र प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपे गए।
