जरूरतें घटाना ही ऊर्जा बचत का मूल मंत्र: सोलंकी ‘ऊर्जा उपवास’ संगोष्ठी में पर्यावरण संरक्षण का संदेश, बोले—अनावश्यक उपभोग रोकेंगे तो बचेगी ऊर्जा और प्रकृति

(महेन्द्र नागौरी)

भीलवाड़ा|स्मार्ट हलचल|ऊर्जा संकट और पर्यावरण संरक्षण को लेकर अपना संस्थान, पर्यावरण संरक्षण गतिविधि एवं नगर निगम के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को टाउन हॉल में ‘ऊर्जा उपवास अभियान’ के तहत संगोष्ठी हुई।
मुख्य वक्ता चेतन सोलंकी (सोलर मैन ऑफ इंडिया) ने कहा कि ऊर्जा बचाने के लिए बड़े त्याग की नहीं, बल्कि अनावश्यक जरूरतों और संसाधनों के उपभोग को कम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जो वस्तु हमारे लिए कचरा है, वह किसी दूसरे के लिए कच्चा माल हो सकती है।
सोलंकी ने अदृश्य प्रदूषण की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि गैस, पेट्रोल, डीजल और कोयले के अत्यधिक उपयोग से निकलने वाली कार्बन डाईऑक्साइड पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने ‘क्लाइमेट सत्याग्रह’ का आह्वान किया।
कलेक्टर जसमीत सिंह संधू ने सामूहिक प्रयासों से ऊर्जा संरक्षण को जनअभियान बनाने पर जोर दिया। विद्यार्थियों ने वंदेमातरम् और ऊर्जा उपवास पर नाटक प्रस्तुत कर पर्यावरण बचाने का संदेश दिया।
विशिष्ट अतिथि उद्योगपति तिलोकचंद छाबड़ा ने ऊर्जा संरक्षण का संकल्प दिलाया। संचालन राकेश तिवाड़ी व अशोक सोनी ने किया तथा आभार अरुण छीपा ने जताया। बड़ी संख्या में विद्यार्थी, नागरिक और पर्यावरण प्रेमी मौजूद रहे।