मालासेरी डूंगरी में मनाया रंगो का फागोत्सव, श्रद्धालु भक्ति के रस में सराबोर हुए

मोड़ का निंबाहेड़ा । भगवान श्री देवनारायण जी की पावन जन्मस्थली मालासेरी डूंगरी में होली व धुलंडी के शुभ अवसर पर रंगों का भव्य फाग महोत्सव एवं महाप्रतापी राजा हरिराम जी की जयंती अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और धार्मिक गरिमा के साथ मनाई गई। प्रातःकाल से ही मंदिर परिसर में भक्तों की आवाजाही शुरू हो गई थी। कार्यक्रम का शुभारंभ विधिवत गणेश वंदना से किया गया। तत्पश्चात साढ़ू माता मातृशक्ति द्वारा पारंपरिक हरजस गीतों का भावपूर्ण गायन प्रस्तुत किया गया, जिसने उपस्थित श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की मधुर ध्वनि के बीच देवभक्तों ने गुलाल अर्पित कर भगवान देवनारायण जी का आशीर्वाद प्राप्त किया। राजा हरिराम जी की जयंती के उपलक्ष्य में उनके शौर्य, त्याग और लोककल्याणकारी कार्यों का स्मरण किया गया। वक्ताओं ने उनके आदर्शों पर चलने और समाज में एकता, सद्भाव एवं धर्मनिष्ठा बनाए रखने का संदेश दिया। मंदिर परिसर में हजारों की संख्या में देवभक्त उपस्थित रहे, जिनमें आसपास के गांवों सहित दूर-दराज क्षेत्रों से आए श्रद्धालु भी शामिल थे। आयोजन की व्यवस्था सुव्यवस्थित रही। मंदिर के पुजारी हेमराज पोसवाल वह पुजारी देवकरण पोसवाल ने बताया कि रंगों के इस पावन पर्व को भक्तों के सहयोग और सामूहिक सहभागिता के साथ राजस्थानी पोशाक के साथ गैर नृत्य के साथ आयोजन सफल बनाया गया। इस अवसर पर विशाल महाप्रसादी का आयोजन भी किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। संपूर्ण परिसर भक्तिमय वातावरण, रंगों की उमंग और सामाजिक सौहार्द की भावना से ओत-प्रोत दिखाई दिया। धुलंडी के इस पावन महोत्सव ने एक बार पुनः मालासेरी डूंगरी की धार्मिक महत्ता और लोक आस्था की जीवंत परंपरा को सशक्त रूप से अभिव्यक्त किया।