SDRF ने बच्चों को सिखाई हर आपात स्थिति से निपटने की कला
काछोला 10 अगस्त -स्मार्ट हलचल|क्षेत्र के धामनिया पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय धामनिया में राज्य आपदा प्रतिसाद बल के हेड प्रभारी नारायण लाल सेन ने कहा कि किसी भी आपदा के दौरान घबराने के बजाय सही समय पर सही निर्णय लेकर जीवन बचाया जा सके, इसी उद्देश्य से राज्य आपदा प्रतिसाद बल (SDRF) की ई कंपनी, नारेली अजमेर ने सोमवार को धामनिया पीएम श्री स्कूल में आपदा सुरक्षा एवं जीवन रक्षक प्रशिक्षण दिया।
प्रशिक्षण के दौरान राजेंद्र जाखड़ ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को सीपीआर, फर्स्ट एड, गैस सिलेंडर में आग लगने पर बचाव, पानी में डूबते व्यक्ति को सुरक्षित निकालने और खुले बोरवेल से बचाव के व्यावहारिक तरीके सिखाए गए।
धामनिया स्कूल में जन-जागरूकता एवं आपदा सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम SDRF कमांडेंट जयपुर के निर्देश पर आयोजित हुआ।
विशेषज्ञों ने दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण
रेस्क्यू टीम के टीम प्रभारी नारायण सेन और सहायक प्रभारी राजेंद्र जाखड़,शंकर लाल के नेतृत्व में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को आपातकालीन परिस्थितियों में अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों की जानकारी दी गई। साथ ही जीवन रक्षक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी कराया गया।
सीपीआर, फर्स्ट एड और आग से बचाव के तरीके
प्रशिक्षण के दौरान गैस सिलेंडर में आग लगने की स्थिति में सुरक्षित बचाव, सीपीआर (CPR) देने की सही प्रक्रिया और प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) के प्रभावी तरीकों का प्रदर्शन किया गया। इसके अलावा पानी में डूबते व्यक्ति को बचाने के सुरक्षित उपाय तथा खुले बोरवेल से होने वाले हादसों की रोकथाम के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।
आपदा के समय सही निर्णय लेने पर जोर
SDRF टीम ने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्यार्थियों और शिक्षकों को आपदा प्रबंधन, त्वरित प्रतिक्रिया और जीवन रक्षा के आवश्यक कौशल से प्रशिक्षित करना है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में वे घबराने के बजाय समझदारी से तत्काल और प्रभावी कार्रवाई कर सकें।
विद्यार्थियों ने उत्साह से लिया हिस्सा
कार्यक्रम में दोनों स्कूलों के विद्यार्थियों और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा आपदा सुरक्षा और बचाव से जुड़े विभिन्न विषयों की उपयोगी जानकारी प्राप्त की।इस मौके पर प्रधानाचार्य हीरा लाल शर्मा,जगदीश चंद्र मंत्री,प्रकाश। चतुर्वेदी,बाबू लाल खटीक,मोहम्मद शाबीर रंगरेज,नंद लाल प्रजापत,देवी लाल गुर्जर,पंकज त्रिवेदी,राजकुमार चौधरी,राजकुमार प्रजापत,रामप्यारी मीणा सहित आदि उपस्थित थे।
