नई दिल्ली। स्मार्ट हलचल|धर्मशाला पुस्तकालय की स्थापना एवं उससे संबंधित विभिन्न मांगों को लेकर राजमाता अहिल्याबाई होल्कर चैरिटेबल ट्रस्ट, द्वारका दिल्ली समिति, टाइगर फोर्स इंडिया तथा विमुक्त, घुमंतु एवं अर्द्धघुमंतु जनजाति महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली सरकार के समाज कल्याण कैबिनेट मंत्री रविंद्र इंद्रराज सिंह से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने धर्मशाला पुस्तकालय के संबंध में विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए मांगों के शीघ्र निस्तारण की अपेक्षा जताई।
प्रतिनिधिमंडल में राजमाता अहिल्याबाई होल्कर चैरिटेबल ट्रस्ट, द्वारका दिल्ली समिति के महासचिव एवं लेखक दीपसिंह दिल्ली, ट्रस्ट के उपसचिव एवं विमुक्त घुमंतु एवं अर्द्धघुमंतु जनजाति महासंघ दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप बघेल, ट्रस्ट के संगठन मंत्री एवं एसटीएफ संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष अजय सिंह पाल तथा विमुक्त घुमंतु एवं अर्द्धघुमंतु जनजाति महासंघ के पश्चिमी दिल्ली जिला अध्यक्ष सुधा पाल सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को सौंपे ज्ञापन में धर्मशाला पुस्तकालय से जुड़े विषय को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि पुस्तकालय केवल पुस्तकों के अध्ययन का केंद्र नहीं, बल्कि समाज के युवाओं, विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए ज्ञान एवं मार्गदर्शन का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है। ऐसे में पुस्तकालय से संबंधित आवश्यक सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं को सुनिश्चित किया जाना जनहित में महत्वपूर्ण होगा।
प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा कि समाज के आर्थिक रूप से कमजोर, विमुक्त, घुमंतु एवं अर्द्धघुमंतु समुदायों सहित सभी वर्गों के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए पुस्तकालय जैसी सुविधाओं का विस्तार आवश्यक है। उन्होंने मंत्री के समक्ष संगठन की ओर से विभिन्न बिंदुओं को रखते हुए संबंधित मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई किए जाने का आग्रह किया।
इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि राजमाता अहिल्याबाई होल्कर चैरिटेबल ट्रस्ट, टाइगर फोर्स इंडिया तथा विमुक्त घुमंतु-अर्द्धघुमंतु जनजाति महासंघ सामाजिक एवं शैक्षिक हितों से जुड़े विषयों को लगातार उठाते रहे हैं। संगठनों का उद्देश्य समाज के जरूरतमंद एवं वंचित वर्गों तक शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और आवश्यक सुविधाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रभावी प्रयास करना है।
प्रतिनिधिमंडल द्वारा रखी गई मांगों को समाज कल्याण मंत्री रविंद्र इंद्रराज सिंह ने गंभीरता से सुना। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि धर्मशाला पुस्तकालय से संबंधित मांगों और ज्ञापन में उठाए गए विषयों पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए शीघ्र आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री के सकारात्मक रुख और कार्रवाई के आश्वासन के बाद प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने उनका आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि सरकार की ओर से जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे, जिससे पुस्तकालय से जुड़ी मांगों का समाधान हो सकेगा और विद्यार्थियों तथा समाज के जरूरतमंद वर्गों को इसका लाभ मिल सकेगा।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि शिक्षा और पुस्तकालय जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने से समाज में ज्ञान, जागरूकता और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा। इस अवसर पर संगठन के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
