पुनित चपलोत
भीलवाड़ा | स्मार्ट हलचल|अवैध अफीम डोडा चूरा तस्करी के मामले में भीलवाड़ा एनडीपीएस अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए चित्तौड़गढ़ जिले के दो तस्करों को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोनों अभियुक्तों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास और 1-1 लाख रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई।सजा पाने वालों में गोविन्द कुमार पुत्र उदयलाल धाकड़ निवासी गोपालपुरा, थाना बेगूं और मनोज हजूरी पुत्र कन्हैयालाल हजूरी निवासी धारला, थाना बेगूं, चित्तौड़गढ़ शामिल हैं।मामला 29 सितंबर 2021 का है। तत्कालीन बीगोद थानाधिकारी को मुखबिर से सूचना मिली थी कि लाडपुरा की ओर से आ रही एक मारुति कार में अवैध अफीम डोडा चूरा भरा हुआ है। सूचना के आधार पर पुलिस ने त्रिवेणी चौराहे पर नाकाबंदी की। कुछ देर बाद मुखबिर के बताए हुलिए के अनुसार कार आती दिखाई दी, जिसे पुलिस ने रुकवाकर तलाशी ली।
तलाशी के दौरान कार से 5 प्लास्टिक के कट्टे बरामद हुए, जिनमें कुल 94 किलो 140 ग्राम अफीम डोडा चूरा मिला। पुलिस ने मादक पदार्थ और कार जब्त कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके खिलाफ धारा 8/15 एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज किया।
अनुसंधान पूरा होने के बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। सुनवाई के दौरान विशिष्ट लोक अभियोजक रामस्वरूप गुर्जर ने अभियोजन पक्ष की ओर से अपराध साबित करने के लिए 9 गवाह और 71 दस्तावेजी साक्ष्य न्यायालय के समक्ष पेश किए।
दोनों पक्षों की बहस और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद विशेष अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी माना और 10-10 साल के कठोर कारावास तथा 1-1 लाख रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत के इस फैसले से अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को भी मजबूती मिली है।
