(पंकज पोरवाल)
भीलवाड़ा ।स्मार्ट हलचल|राजस्थान सरकार द्वारा हाल ही में जारी ओबीसी सर्वे के आंकड़ों में रावणा राजपूत समाज की आबादी मात्र 6 लाख दर्शाए जाने पर समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है। इसे समाज की वास्तविक जनसंख्या को कम आंकने और भ्रामक तस्वीर प्रस्तुत करने का गंभीर मामला बताते हुए श्री अखिल रावणा राजपूत सेवा संस्थान, भीलवाड़ा ने प्रदेशव्यापी आह्वान के तहत जिला कलक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष पुनः सर्वे की मांग उठाई। ज्ञापन में समाज ने आरोप लगाया कि प्रदेश की बड़ी आबादी वाले रावणा राजपूत समाज को ओबीसी सर्वे में मात्र 6 लाख दिखाना घोर अन्याय एवं तथ्यात्मक त्रुटि है। समाज ने मांग की कि पिछड़ा वर्ग आयोग की संपूर्ण रिपोर्ट, मूल डेटा तथा गांव एवं तहसीलवार आंकड़े तत्काल सार्वजनिक किए जाएं। साथ ही त्रुटिपूर्ण एवं कथित षड्यंत्रकारी सर्वे का स्वतंत्र सत्यापन कराते हुए सर्वे से छूटे प्रत्येक रावणा राजपूत परिवार का निष्पक्ष पुनः सर्वे कराने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई। इस दौरान जिलाध्यक्ष नरेंद्र सिंह गुढ़ा, हिम्मत सिंह (झोपड़ियां), पीरू सिंह गौड़, बाबू सिंह राणावत, भेरू सिंह भाटी, कांता कंवर (कारोई), निशा कंवर गौड़, अलका कंवर, भगवती कंवर सांखला, सुनीता कंवर, मुकेश सिंह (आटूण), सिल्वर बन्ना (मालोला), रानू सिंह (मालोला), भेरू सिंह (गुरला), पप्पू सिंह रावणा, अमर सिंह, अनुराधा कंवर (पालड़ी), संजू कंवर, रेखा कंवर, पूनम कंवर सहित समाज के सैकड़ों गणमान्य नागरिक एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
