स्थानीय ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को रियायती दर पर बजरी देने की मांग, ट्रैक्टर रैली निकालकर एसडीओ को सौंपा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन
अलकेश पारीक
जहाजपुर। स्मार्ट हलचल|उपखंड क्षेत्र में स्थानीय ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को बजरी नहीं मिलने से शुक्रवार को क्षेत्रवासियों का आक्रोश सड़क पर नजर आया। बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ बारह देवरा से रैली निकाली गई। रैली चावंडिया चौराहा, देवली रोड, गफूर चौराहा व बस स्टैंड होते हुए खेल स्टेडियम पहुंची। यहां आंदोलनकारियों ने उपखंड अधिकारी छत्रपाल सिंह को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर स्थानीय लोगों को रियायती दर पर बजरी उपलब्ध कराने की मांग की।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि बनास नदी से निकलने वाली बजरी ईआरसीपी कंपनी द्वारा बड़े वाहनों, ट्रकों व डंपरों से ले जाई जा रही है, जबकि स्थानीय ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को बजरी उपलब्ध नहीं कराई जा रही। इसके चलते स्थानीय लोगों को निर्माण कार्य के लिए महंगे दामों पर बजरी खरीदनी पड़ रही है।
आंदोलनकारियों का कहना है कि बजरी की उपलब्धता नहीं होने से निर्माण कार्य से जुड़े कारीगरों, मजदूरों, ट्रैक्टर मालिकों और चालकों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। ज्ञापन में कंपनी को गाद निकालने के दिए गए ठेके और किसानों को नियमानुसार गाद नि:शुल्क उपलब्ध कराने के निर्देशों का भी हवाला दिया गया। आरोप है कि इसके बावजूद गाद को ट्रकों और ट्रेलरों में भरकर ले जाया जा रहा है।
60 रुपए प्रति टन की दर से रॉयल्टी काटने की मांग
ज्ञापन में स्थानीय ट्रैक्टरों को रियायती दर पर बजरी उपलब्ध कराने तथा सरकारी दर 60 रुपए प्रति टन के अनुसार रॉयल्टी राशि काटने की स्वीकृति देने की मांग की गई।
खेल स्टेडियम में रैली को संबोधित करते हुए नेतृत्वकर्ता एडवोकेट रामजस मीणा ने कहा कि स्थानीय लोगों को उनकी जरूरत के अनुसार बजरी उपलब्ध कराना जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि 10 दिन में मांग का समाधान नहीं हुआ तो इससे भी बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
