सवाईपुर ( सांवर वैष्णव ) :- अब अफीम किसान भी अफीम की खेती की निगरानी रखने के लिए तीसरी आंख यानी सीसीटीवी कैमरे लगाकर भी घरों से भी निगरानी रख रहे हैं, अफीम खेती की सुरक्षा के लिए तारबन्दी की गई हैं, वहीं अफीम डोडे को पक्षियों से बचाने के लिए फसल के ऊपर जाल लगा रहे हैं । सवाईपुर सहित सोपुरा जाटों का, बड़ला, बनकाखेड़ा, सालरिया, डसाणिया का खेड़ा, खजीना गांवों में अफीम उत्पादक क्षेत्र होकर बड़े पैमाने पर नारकोटिक्स विभाग के निर्देश पर बुवाई होती है । इन दिनों अफीम की खेती यौवन पर है तथा डोडो पर चिरा लगातार लुवाई कि जा रही है । अफीम की फसल को अपने बच्चों की तरह पालने वाले किसान दिन रात सुरक्षा को लेकर चिंतित है । हालात यह है कि किसान अपने सारे जरूरी काम छोड़ कर खेतों की सुरक्षा में लगे हुए हैं । अंधेरी रात भी आंखों में निकल जाती है । अफीम की फसल से डोडे चोरी व नुकसान की आशंका में किसान झोपड़ियां बनाकर दिन रात खेतों पर डेरा डाले हुए हैं । इतना ही नहीं अफीम की सुरक्षा के लिए किसानों ने हाईटेक व्यवस्था करते हुए तीसरी आंख यानी सोलर सीसीटीवी कैमरे तक लगाए हैं । बड़ला गांव के अफीम काश्तकार बद्रीलाल तेली ने अफीम फसल पर निगरानी को लेकर सोलर सीसीटीवी कैमरा लगाया हुआ है । अफीम काश्तकार बद्रीलाल तेली बताते हैं कि उन्होंने अपने खेत पर सोलर सीसीटीवी कैमरा लगाया है, जो सीसीटीवी कैमरा मोबाइल फोन से कनेक्ट किया हुआ है, जिसके चलते वह घर के साथ ही कहीं से भी मोबाइल के जरिए फसल की निगरानी कर सकते है, ताकि खेत में कोई पशु पक्षी या अन्य कोई घुसा तो नहीं, उसकी जानकारी कैमरे की मदद से लग जाती और वही से आवाज देकर भगा सकते हैं, क्योंकि कमरे में एक स्पीकर लगा हुआ। सोलर कैमरा लगाने में अधिक खर्चा भी नहीं आता है और खेत की रखवाली भी आसानी से हो जाती है ।।
