गंगापुर, 15 अगस्त 2026।
स्मार्ट हलचल|स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित समारोह में उपखंड अधिकारी विवेक गुर्जर द्वारा परेड का निरीक्षण किया गया। एक ओर विद्यालय के छात्र-छात्राएं शानदार अनुशासन और कदमताल के साथ देशभक्ति का संदेश दे रहे थे, वहीं दूसरी ओर परेड मैदान में भरा बरसाती पानी विद्यालय प्रशासन की व्यवस्थाओं पर एक अलग ही तस्वीर प्रस्तुत कर रहा था।
विडंबना देखिए—परेड में कदमताल इतनी सटीक कि एक भी कदम इधर-उधर नहीं, लेकिन मैदान में पानी की निकासी ऐसी कि पानी अपनी मर्जी से जहां चाहे वहां कदमताल करता नजर आया!
स्वतंत्रता दिवस पर जहां विद्यार्थियों को अनुशासन, स्वच्छता और जिम्मेदारी का पाठ पढ़ाया जा रहा था, वहीं विद्यालय परिसर का यह दृश्य व्यवस्था और साफ-सफाई की वास्तविक स्थिति पर सवाल खड़े करता दिखाई दिया।
परेड निरीक्षण के दौरान उपखंड अधिकारी के सामने ही मैदान में जमा पानी मानो विद्यालय प्रशासन की कार्यशैली पर मौन टिप्पणी कर रहा था—“साहब! परेड तो हर साल होती है, लेकिन मेरी निकासी कब होगी?”
विद्यालय प्रशासन यदि समय रहते मैदान की सफाई, जल निकासी एवं समुचित रखरखाव की व्यवस्था करता तो स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर विद्यार्थियों को इस अव्यवस्था के बीच परेड नहीं करनी पड़ती।
यह दृश्य केवल पानी का जमाव नहीं, बल्कि व्यवस्था और जिम्मेदारी के बीच जमा हुई लापरवाही का प्रतिबिंब नजर आया।
अब सवाल यह है कि जब विद्यालय में देश का भविष्य तैयार किया जा रहा है, तो क्या उस भविष्य को स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित परिसर देना भी हमारी जिम्मेदारी नहीं है?
फोटो में एक तरफ देशभक्ति की कदमताल और दूसरी तरफ व्यवस्था की “जलभराव वाली चाल”—यह तस्वीर बहुत कुछ कह रही है।
