पुनित चपलोत
भीलवाड़ा|स्मार्ट हलचल|धर्म से बढ़कर मॉं का महत्व बताने वाली सनी देओल की फिल्म बटवारा को लेकर भीलवाड़ा वासियों में उत्साह चर्म पर है। फिल्म को देखने सिनेमा हॉल में बड़ी तादाद में लोग पहुंच रहे है। स्वतत्रंता दिवस पर युवा अपने साथ तिरंगा लेकर फिल्म देखने पहुंचे रहे है और भारत माता के जयकारें लगाते शहर की सड़कों से गुजर रहे। सन्नी देओल के ऐसे ही चाहने वाले नारायण भदाला आज अपने साथियों के साथ फिल्म देखने पहुंचे। बड़ी संख्या में हाथ में तिरंगा लेकर भारत माता जयकारें लगाते हुए जब यह शहर की सड़कों से निकले। भदाला पहले भी सन्नी देओल की फिल्मों को देखने कभी ट्रेक्टर तो कभी हल लेकर सिनेमा हॉल पहुंचे थे जो चर्चा का विषय बन गया था।
नारायण भदाला ने कहा कि सनी देओल की जब से बॉर्डर फिल्म में देखी जब से हम उनके दीवाने हैं। उनकी फिल्मों से हमें पारिवारिक संस्कार और देशप्रेम के लिए बहुत कुछ सीखने को मिलता है। हर फिल्म में दो तरह के चरित्र होते हैं पर हम सकारात्मक पक्ष को अपने जीवन में उतार लें तो जिंदगी बदल सकती है। इस फिल्म में सबसे बड़ा सकारात्मक संदेश माँ और मानवता का है। जो व्यक्ति अपनी माँ से प्रेम करता है। वह दूसरे की माँ का भी सम्मान करेगा क्योंकि हर माँ बराबर होती है। आज हम छोटी-छोटी बातों पर एक-दूसरे की माँ को गाली देने और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने लगते हैं जबकि माँ का सम्मान सबसे जरूरी है। सनी देओल से हमने बहुत कुछ सीखा है। उनके प्रति हमारा प्रेम इसलिए है, क्योंकि उन्होंने हमें अच्छी बातें सिखाईं। उनसे मिली सीख को जीवन में उतारना और समाज को लौटाना ही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि और जिम्मेदारी है।
