समारोह स्थलों पर मिला घरेलू सिलेंडर तो जुर्माने के साथ लाइसेंस निरस्त
अनिल कुमार
ब्यावर। स्मार्ट हलचल|शादी समारोह, मैरिज गार्डन, बैंक्वेट हॉल, धर्मशाला, रेस्टोरेंट और मिष्ठान भंडारों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर के व्यावसायिक उपयोग पर जिला रसद विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। घरेलू सिलेंडर का व्यावसायिक इस्तेमाल पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ जुर्माने के साथ लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की नई गाइडलाइन के तहत ब्यावर जिले में घरेलू एलपीजी के दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। प्रवर्तन टीम रैंडम तरीके से समारोह स्थलों, मैरिज गार्डन, बैंक्वेट हॉल और धर्मशालाओं की जांच करेगी। जांच में की गई कार्रवाई की सूचना जिला प्रशासन, नगर परिषद/नगरपालिका और राज्य सरकार को भी भेजी जाएगी।
इस संबंध में 14 अगस्त को जिला रसद अधिकारी हेमन्त कुमार आर्य ने जिले की गैस एजेंसियों के प्रतिनिधियों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि घरेलू सिलेंडर के व्यावसायिक उपयोग की जांच के लिए 27 जुलाई को प्रवर्तन अधिकारी सोहन सिंह चौहान के निर्देशन में प्रवर्तन निरीक्षक विक्रान्त मथुरिया एवं रामदेव डूडी की समिति गठित की गई है।
गैस एजेंसियों को भी दिए निर्देश
बैठक में गैस एजेंसियों को उपभोक्ताओं को सिलेंडर देते समय डिस्काउंट सहित सप्लाई बिल जारी करने और डिस्काउंट संबंधी पंपलेट एजेंसी एवं गैस गोदाम पर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए। एजेंसी संचालकों को सिलेंडरों की अवैध सप्लाई रोकने तथा डोर-टू-डोर डिलीवरी के दौरान उपभोक्ताओं से अतिरिक्त राशि नहीं लेने के लिए हॉकरों को पाबंद करने को कहा गया।
वहीं मैरिज गार्डन, विवाह स्थल, मिष्ठान भंडार, रेस्टोरेंट और हलवाई आदि द्वारा भोजन एवं मिष्ठान बनाने में एलपीजी सिलेंडर के स्थान पर डीजल भट्टियों के उपयोग पर भी रोक रहेगी। ऐसे व्यवसायियों को चिन्हित कर सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
विभाग के अनुसार घरेलू सिलेंडर के व्यावसायिक उपयोग से सरकारी सब्सिडी का दुरुपयोग होता है। इसके अलावा सिलेंडर के लगातार उपयोग से गर्म होने पर सुरक्षा संबंधी खतरा भी बढ़ सकता है।
बैठक में प्रवर्तन अधिकारी सोहन सिंह चौहान, प्रवर्तन निरीक्षक विक्रान्त मथुरिया, रामदेव डूडी, जिला गैस एजेंसी अध्यक्ष नरेंद्र राय, तरुण दाधीच (कपीश एचपी गैस), दिनेश पदावत (खरवा इंडेन), जगदीश कुमार जालिया (इंडेन) सहित कुल 48 गैस एजेंसी प्रतिनिधि मौजूद रहे। विभाग ने स्पष्ट किया कि घरेलू एलपीजी के व्यावसायिक उपयोग के खिलाफ नियमित जांच अभियान जारी रहेगा।
