मुझरास टोल प्लाजा बना ‘गौशाला’, हाईवे पर मवेशियों का जमावड़ा; हादसे का खतरा

पहले भी प्रकाशित हो चुकी है समस्या की खबर, छह महीने बाद भी हालात जस के तस; टोल वसूली पर सवाल, सुरक्षा व्यवस्था पर उठी उंगली

बद्री लाल माली

गुरला, स्मार्ट हलचल। राजसमंद-भीलवाड़ा हाईवे पर स्थित मुझरास टोल प्लाजा के पास हाईवे पर मवेशियों का जमावड़ा वाहन चालकों के लिए लगातार खतरा बना हुआ है। सोमवार को सामने आई तस्वीरों में हाईवे के बीचों-बीच 3-4 गाय-बैल घूमते और आपस में लड़ते नजर आए। इसी दौरान पीछे से तेज गति से ट्रक, कार और दोपहिया वाहन गुजरते दिखाई दिए। ऐसे हालात में किसी भी समय गंभीर हादसा होने की आशंका बनी हुई है।

स्थानीय लोगों के अनुसार मुझरास टोल प्लाजा और आसपास के हाईवे क्षेत्र में मवेशियों की समस्या नई नहीं है। इस संबंध में पहले भी समाचार प्रकाशित हो चुका है, जिसमें टोल प्लाजा पर सुरक्षा इंतजामों की कमी और सुबह से शाम तक सड़क पर मवेशियों के जमावड़े का मुद्दा उठाया गया था। ग्रामीणों का कहना है कि खबर प्रकाशित होने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।

छह महीने बाद भी स्थिति जस की तस

ग्रामीणों के अनुसार गुरला गांव में राघव होटल और बड़ी स्कूल के आसपास भी मवेशी आए दिन सड़क पर बैठे या खड़े रहते हैं। इससे वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाने पड़ते हैं और दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। रात के समय सड़क पर बैठे मवेशी दूर से दिखाई नहीं देने के कारण स्थिति और गंभीर हो जाती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब छह महीने पहले भी इस समस्या को लेकर खबर प्रकाशित हुई थी, लेकिन आज भी हाईवे पर वही स्थिति दिखाई दे रही है। सोमवार को सामने आई तस्वीरें इस बात का उदाहरण हैं कि समस्या पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।

पेट्रोलिंग और कैटल कैचर व्यवस्था पर सवाल

ग्रामीणों का आरोप है कि टोल प्लाजा संचालक की जिम्मेदारी वाले क्षेत्र में सड़क पर घूमने वाले मवेशियों को हटाने के लिए नियमित पेट्रोलिंग और कैटल कैचर जैसी व्यवस्था प्रभावी रूप से नजर नहीं आती। इसके अलावा मवेशियों के कारण संभावित हादसों को रोकने के लिए पर्याप्त चेतावनी संकेत और सुरक्षा इंतजाम भी दिखाई नहीं देते।

ग्रामीणों का यह भी कहना है कि सड़क पर मवेशियों की मौजूदगी की सूचना के बावजूद उन्हें हटाने और यातायात को सुरक्षित रखने के लिए तत्काल कदम उठाए जाने चाहिए।

‘टोल वसूली पूरी, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल’

स्थानीय वाहन चालकों का कहना है कि टोल प्लाजा पर वाहन चालकों से नियमित रूप से टोल शुल्क लिया जाता है, लेकिन हाईवे पर यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े ऐसे बुनियादी इंतजामों की स्थिति चिंताजनक है। उनका कहना है कि यदि सड़क पर मवेशियों के कारण कोई बड़ा हादसा होता है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी, यह स्पष्ट किया जाना चाहिए।

एक स्थानीय चालक ने कहा कि समस्या को लेकर खबर पहले ही प्रकाशित हो चुकी है और तस्वीरें भी सामने आ गई हैं, इसके बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि गुरला स्कूल के बच्चों का भी इसी मार्ग से आवागमन होता है। ऐसे में किसी बच्चे के साथ हादसा होना गंभीर चिंता का विषय है।

हादसे से पहले कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे से संबंधित अधिकारियों और टोल प्लाजा प्रबंधन से मांग की है कि हाईवे पर घूम रहे मवेशियों को तत्काल हटाने की व्यवस्था की जाए। साथ ही नियमित पेट्रोलिंग, कैटल कैचर, पर्याप्त चेतावनी संकेत और अन्य जरूरी सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं।

ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और संबंधित एजेंसियों को किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय समय रहते प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि वाहन चालकों, राहगीरों और स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।