जयपुर। स्मार्ट हलचल|सामाजिक अंकेक्षण संघ की ओर से सामाजिक अंकेक्षण से जुड़े ब्लॉक संसाधन व्यक्तियों एवं कार्मिकों की विभिन्न समस्याओं को लेकर सोमवार को कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा, मुख्य सचिव एवं शासन सचिव को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से संघ ने ब्लॉक संसाधन व्यक्तियों के लंबित भुगतान का शीघ्र निस्तारण करने तथा सामाजिक अंकेक्षण कार्य में ब्लॉक संसाधन व्यक्तियों को प्राथमिकता देने की मांग प्रमुखता से उठाई। साथ ही, कार्मिकों के सामने आ रही अन्य समस्याओं के समाधान की भी मांग की गई।
पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास अंकेक्षण दल के प्रदेशाध्यक्ष कुणाल राठौर ने बताया कि संघ ने ज्ञापन में सामाजिक लेखा परीक्षा जवाबदेही एवं पारदर्शिता सोसायटी राजस्थान, जयपुर के निदेशक द्वारा कार्मिकों के साथ कथित दुर्व्यवहार, बिना उचित कारण ब्लॉक संसाधन व्यक्तियों को कार्य से हटाने तथा मनमाने ढंग से निर्णय लेने के आरोपों को भी प्रमुखता से उठाया। संघ ने मांग की कि कार्मिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी ब्लॉक संसाधन व्यक्ति को बिना उचित कारण और पारदर्शी प्रक्रिया के कार्य से हटाने की कार्रवाई नहीं की जाए।
सामाजिक अंकेक्षण संघ ने सरकार से मांग की कि लंबित भुगतानों का शीघ्र भुगतान, ब्लॉक संसाधन व्यक्तियों के हितों की सुरक्षा, कार्य में प्राथमिकता तथा कार्मिकों के साथ निष्पक्ष एवं सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए। संघ ने कहा कि सामाजिक अंकेक्षण व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे कार्मिकों की समस्याओं का समाधान आवश्यक है।
इस दौरान पंचायत राज एवं ग्रामीण विकास अंकेक्षण दल के प्रदेशाध्यक्ष ब्लॉक संसाधन व्यक्ति कुणाल राठौड़, हंसराज मौर्य, भगवान लाल सांखला, पवन, मनोज प्रधान एवं रणजीत सिंह केशावत सहित विभिन्न जिलों से आए बीआरपी कार्मिक उपस्थित रहे।
संघ ने सरकार से उम्मीद जताई कि ज्ञापन में उठाई गई मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई करते हुए ब्लॉक संसाधन व्यक्तियों एवं सामाजिक अंकेक्षण से जुड़े कार्मिकों को राहत प्रदान की जाएगी।
