अब मोबाइल ऐप से घर बैठे खाद की एडवांस बुकिंग, ‘FFS’ ऐप से आसान हुई व्यवस्था

मांडलगढ़ में उर्वरक विक्रेताओं और कृषि विभाग के फील्ड स्टाफ को दिया गया प्रशिक्षण, ऑनलाइन बुकिंग से कतार और कालाबाजारी पर लगेगा अंकुश

मांडलगढ़, स्मार्ट हलचल। किसानों को अब यूरिया और अन्य उर्वरकों के लिए बिक्री केंद्रों के चक्कर काटने तथा घंटों लंबी कतारों में खड़े रहने से राहत मिलने की उम्मीद है। कृषि विभाग की ओर से ‘FFS’ (Framework for Fertilizer Sales) मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन खाद बुकिंग की पारदर्शी व्यवस्था लागू की जा रही है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत राजस्थान के राजसमंद और सिरोही जिलों में 25 जून 2026 से इस डिजिटल व्यवस्था की शुरुआत की गई है।

मांडलगढ़ में उर्वरक विक्रेताओं और फील्ड स्टाफ को प्रशिक्षण

व्यवस्था के सफल क्रियान्वयन को लेकर मांडलगढ़ में समस्त उर्वरक विक्रेताओं तथा कृषि विभाग के फील्ड स्टाफ को FFS प्रणाली का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में सहायक कृषि अधिकारी, वरिष्ठ कृषि पर्यवेक्षक एवं कृषि पर्यवेक्षक शामिल रहे।

सहायक निदेशक कृषि डॉ. प्रकाश चंद्र खटीक, कृषि अधिकारी विक्रम सिंह एवं भगवत सिंह ने प्रशिक्षण प्रदान किया। इस दौरान विक्रेताओं और विभागीय कार्मिकों को ऐप की कार्यप्रणाली तथा POS मशीन के माध्यम से किसान के सत्यापन की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।

फार्मर आईडी से तय होगी खाद की जरूरत

FFS प्रणाली की खासियत यह है कि किसान की जमीन और फसल से जुड़े रिकॉर्ड यानी फार्मर आईडी के आधार पर ऐप खाद की अनुमानित आवश्यकता निर्धारित करने में मदद करेगा। इससे निर्धारित आवश्यकता से अधिक खाद की खरीद और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। डिजिटल स्टॉक दर्ज होने से कृषि विभाग खाद के वितरण की निगरानी भी कर सकेगा।

पांच चरणों में होगी खाद की बुकिंग

पहले चरण में किसान FFS ऐप पर अपना जिला, तहसील और गांव चुनेंगे। इसके बाद आधार OTP या फार्मर आईडी के माध्यम से पहचान का सत्यापन किया जाएगा। तीसरे चरण में जमीन और फसल के अनुसार आवश्यक खाद का प्रकार एवं कट्टों की संख्या दर्ज करनी होगी।

जानकारी सबमिट करने के बाद किसान को बुकिंग आईडी के साथ QR कोड अथवा ई-टोकन प्राप्त होगा। ई-टोकन 48 घंटे तक वैध रहेगा, जिसके बाद वह स्वतः निरस्त हो जाएगा। इसके बाद किसान चयनित खाद विक्रेता के पास जाकर POS मशीन के माध्यम से सत्यापन करवाकर खाद प्राप्त कर सकेगा और डिजिटल बिल मिलेगा।

पायलट प्रोजेक्ट में 68,305 किसान लाभान्वित

पायलट प्रोजेक्ट के तहत अब तक 68,305 किसानों को लाभ मिलने की जानकारी दी गई है। इस डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से कुल 10,341 मीट्रिक टन खाद की ऑनलाइन खरीद की जा चुकी है।

पूरे राजस्थान में लागू करने की तैयारी

कृषि विभाग की ओर से इस पारदर्शी डिजिटल व्यवस्था को जल्द ही पूरे प्रदेश में लागू करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए केंद्र स्तर पर स्वीकृति की प्रक्रिया जारी है। राज्य के सभी जिलों में व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए जिला नोडल एवं सह-नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।