टेंडर के पांच माह बाद भी अधूरा सड़क निर्माण, बारिश में गड्ढों से जूझ रहे ग्रामीण

गांगलास-खारडा मार्ग की बदहाल हालत से आक्रोश, ग्रामीणों ने लगाया लापरवाही का आरोप; आंदोलन की चेतावनी

सुरज वर्मा
स्मार्ट हलचल|भीलवाड़ा ज़िले का गांगलास क्षेत्र का सबसे व्यस्त गांगलास-खारडा मार्ग इन दिनों बदहाली का शिकार है। सड़क निर्माण का करीब 1 करोड़ 20 लाख रुपए का टेंडर हुए पांच माह बीत जाने के बावजूद निर्माण कार्य पूरा नहीं होने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। मानसून के दौरान सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे और कीचड़ जमा होने से आवागमन मुश्किल हो गया है।ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण का कार्य समय पर पूरा नहीं किया गया और निर्माण कार्य को टुकड़ों में कराया जा रहा है। बारिश शुरू होने के बाद सड़क की स्थिति और ज्यादा खराब हो गई है। गड्ढों में पानी भरने से राहगीरों को सड़क की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। दोपहिया वाहन चालक कई बार फिसलकर चोटिल हो चुके हैं।
15 साल से बदहाल है मुख्य मार्ग
ग्रामीणों के अनुसार यह मार्ग पिछले करीब 15 वर्षों से बदहाली का सामना कर रहा है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यह सड़क गांव के लिए प्रमुख संपर्क मार्ग है, इसके बावजूद लंबे समय से इसकी सुध नहीं ली गई। सड़क की खराब हालत का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, मरीजों और रोजाना आवागमन करने वाले ग्रामीणों पर पड़ रहा है।
बारिश से पहले काम पूरा नहीं करने पर सवाल
कांग्रेस ग्राम पंचायत अध्यक्ष मनीष कुमार सुवालका ने कहा कि सड़क निर्माण का कार्य बारिश से पहले पूरा किया जा सकता था। उनका आरोप है कि समय रहते काम पूरा नहीं होने के कारण अब बारिश के मौसम में ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने सड़क निर्माण कार्य को गुणवत्ता के साथ जल्द पूरा कराने की मांग की।
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से मांग की है कि टेंडर की शर्तों के अनुसार पूरे मार्ग का निर्माण एक साथ कराया जाए, निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच हो तथा देरी के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही सड़क की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे प्रशासन के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर होंगे। सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीणों में लगातार आक्रोश बढ़ता जा रहा है।