अतिवृष्टि के बाद सुनेल के खाल की सुध, सफाई-गहरीकरण के लिए 40 लाख की स्वीकृति

अतिवृष्टि के बाद सुनेल के खाल की सुध, सफाई-गहरीकरण के लिए 40 लाख की स्वीकृति
भविष्य में जलभराव से राहत के साथ ग्रामीणों को मिलेगा रोजगार।

झालावाड़ , 23 अगस्त ।
स्मार्ट हलचल|10 अगस्त को हुई अतिवृष्टि के बाद सुनेल कस्बे में खाल का पानी घुसने से कई मोहल्लो के घरों और दुकानों में पानी भर गया था। अचानक आए पानी से लोगों को लाखों रुपए का नुकसान हुआ। घटना के अगले ही दिन प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे शुरू कर नुकसान का आकलन कराया और रिपोर्ट सरकार को भेजी। अतिवृष्टि के बाद कस्बेवासियों ने खाल की साफ-सफाई, चौड़ीकरण, गहरीकरण और अतिक्रमण हटाने की मांग उठाई थी, ताकि भविष्य में तेज बारिश के दौरान पानी की निकासी सुचारू रहे और खाल किनारे बसे परिवारों को नुकसान से बचाया जा सके। इसी दिशा में प्रशासन ने 21 अगस्त को सुनेल के खाल की साफ-सफाई, गहरीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के लिए विकसित भारत जी-राम-जी योजना के तहत चार कार्यों के लिए कुल 40 लाख रुपए की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी की है। इससे खाल की जल निकासी क्षमता बढ़ने के साथ भविष्य में अतिवृष्टि के दौरान जलभराव की समस्या से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है। खास बात यह है कि इन कार्यों के माध्यम से जल निकासी व्यवस्था मजबूत होने के साथ स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। इससे बारिश के दौरान होने वाले नुकसान को रोकने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सहारा मिलेगा।
12 अगस्त को कलेक्टर ने किया था प्रभावित बस्तियों का निरीक्षण-
अतिवृष्टि के बाद जिला कलेक्टर अजय सिंह ने 12 अगस्त को सुनेल की अतिवृष्टि प्रभावित बस्तियों का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया था। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे। वहीं, उपखंड अधिकारी दिनेश कुमार बालोत ने पंचायत समिति के अधिकारियों को खाल की साफ-सफाई एवं गहरीकरण का कार्य शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए हैं।