शिव महापुराण कथा में पार्वती तपस्या और अर्धनारीश्वर रूप का भावपूर्ण वर्णन

गौरव पारीक

ड्योढ़ी-स्मार्ट हलचल|कोड़ी क्षेत्र में चल रही सात दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा के दौरान आज कथा वाचक पूज्य श्री दयाल महाराज गौड़, महंत श्री ठाकुर जी मंदिर कोड़ी ने माता पार्वती की कठोर तपस्या, नारी शक्ति तथा भगवान शिव के अर्धनारीश्वर स्वरूप का भावपूर्ण वर्णन किया महाराज श्री ने बताया कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए वर्षों तक कठोर तपस्या की। तपस्या के दौरान उन्हें अनेक विघ्नों का सामना करना पड़ा। कई लोगों ने उन्हें तपस्या छोड़ने की सलाह दी, लेकिन माता पार्वती अपने संकल्प से विचलित नहीं हुईं और अटूट श्रद्धा एवं धैर्य के साथ तपस्या करती रहीं।कथा में भगवान शिव के अर्धनारीश्वर रूप के प्रकट होने का भी सुंदर वर्णन किया गया। महाराज श्री ने बताया कि अर्धनारीश्वर स्वरूप शिव और शक्ति की एकरूपता तथा नारी-पुरुष के समान महत्व का प्रतीक है। माता पार्वती के चरित्र के माध्यम से उन्होंने नारी शक्ति, तप, शौर्य, धैर्य, त्याग और दृढ़ संकल्प का संदेश दिया।कथा स्थल पर श्री गौड़ पार्वती तपस्वी रूप की मनमोहक झांकी सजाई गई, जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। वहीं 72 व्यंजनों के भोग की भव्य झांकी भी सजाई गई, जिसमें पुजारी परिवार की ओर से भगवान को विधि-विधान से भोग अर्पित किया गया।आज कथा के यजमान दयाशंकर गौड़, लक्ष्मण सिंह खंगारोत, राधेश्याम किरोड़ीवाल, नरेंद्र सिंह राजगढ़ एवं फूलचंद कुमावत काजीपुरा रहे। यजमानों द्वारा विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर कथा में सहभागिता निभाई गई।
कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान शिव एवं माता पार्वती के जयकारे लगाए, जिससे पूरा कथा परिसर भक्तिमय हो उठा।कल श्री शिव महापुराण कथा में भगवान शिव एवं माता पार्वती के दिव्य विवाह का भव्य प्रसंग प्रस्तुत किया जाएगा। शिव-पार्वती विवाह प्रसंग को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है।