पंकज पोरवाल
परिजनों के निर्णय से दो दृष्टिहीनों के जीवन में आएगा नया सवेरा, रामस्नेही अस्पताल की टीम ने कराया नेत्रदान
भीलवाड़ा ।स्मार्ट हलचल| किसी अपने के चले जाने का दर्द शब्दों में बयां करना मुश्किल होता है, लेकिन गगरानी परिवार ने इस दुख की घड़ी में ऐसा निर्णय लिया, जो दूसरों के जीवन में उम्मीद की किरण बन गया। दिवंगत रामजस गगरानी के मरणोपरांत परिजनों ने नेत्रदान का संकल्प लेकर मानवता की ऐसी मिसाल पेश की, जिससे दो दृष्टिहीनों के जीवन में रोशनी लौटने की संभावना बनी है। भाविप नेताजी सुभाष शाखा के सचिव कैलाश शर्मा ने बताया की अपनों के बिछड़ने का दुख बेहद गहरा होता है, लेकिन इसी पीड़ा के बीच गगरानी परिवार ने मानवता और सामाजिक सेवा की अनूठी मिसाल पेश की। रामजस गगरानी के देवलोकगमन के बाद परिजनों ने समाजसेवा की भावना से प्रेरित होकर नेत्रदान का संकल्प लिया। स्व.रामजस गगरानी, कैलाश चंद्र गगरानी तथा शाखा की महिला प्रमुख मधु लढ़ा के पिताजी थे। नेत्रदान की प्रक्रिया रामस्नेही अस्पताल की चिकित्सा टीम के सहयोग से संपन्न कराई गई। शाखा के माध्यम से कराया गया यह दूसरा नेत्रदान है। इस पुनीत कार्य में सहयोग के लिए गगरानी परिवार, रामस्नेही अस्पताल की चिकित्सा टीम, केदार गगरानी, दामाद कृष्ण गोपाल लढ़ा, चंद्र प्रकाश काल्या, राजेश चेचानी, गोपाल अग्रवाल एवं रामेश्वर सोमानी का शाखा पदाधिकारियों ने आभार व्यक्त किया। अध्यक्ष पंकज लोहिया, सचिव कैलाश शर्मा एवं कोषाध्यक्ष सुरेश रावत सहित शाखा पदाधिकारियों ने कहा कि मरणोपरांत नेत्रदान जैसे सेवा कार्य समाज में जागरूकता फैलाने के साथ जरूरतमंदों के जीवन में नई रोशनी लाने का माध्यम बनते हैं। उन्होंने अन्य लोगों से भी इस तरह के पुनीत कार्यों के लिए आगे आने का आह्वान किया। इस दौरान दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिजनों को इस कठिन समय में संबल प्रदान करने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई।
