डेढ़ सौ साल पुरानी आस्था खंडहर में तब्दील: इंद्रासन महादेव मंदिर जर्जर हालत में—ग्रामीणों ने संरक्षण की उठाई मांग

मुकेश खटीक
मंगरोप।कस्बे के झोपड़ियां रोड पर स्थित करीब डेढ़ सौ साल पुराना इंद्रासन महादेव मंदिर आज उपेक्षा के कारण खंडहर में तब्दील होता जा रहा है।वर्षों से क्षेत्र की आस्था का केंद्र रहा यह प्राचीन मंदिर अब जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है,जिससे श्रद्धालुओं और ग्रामीणों में चिंता का माहौल है।मंदिर के पुजारी बालमुकुंद शर्मा ने बताया कि झोपड़ियां रोड पर धरातल से लगभग 100 फीट ऊंचाई पर स्थित मनमोहक इंद्रासन महादेव मंदिर करीब 150 वर्षों से आंधी-तूफान और बरसात का सामना करता आया है।समय के साथ मंदिर की दीवारें और ढांचा कमजोर हो गया है,जिससे इसके गिरने का खतरा भी बना हुआ है।उन्होंने बताया कि मंदिर की मरम्मत और संरक्षण को लेकर कई बार शासन-प्रशासन को अवगत कराया गया,लेकिन संबंधित विभाग मंदिर के वन क्षेत्र में स्थित होने का हवाला देकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेते हैं।
इधर ग्रामीण सत्यनारायण किर,गोपाल गुर्जर,कन्हैयालाल कीर और भगवती लाल कीर का कहना है कि यह मंदिर क्षेत्र की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।यदि समय रहते इसके संरक्षण की पहल नहीं की गई तो आने वाले समय में यह ऐतिहासिक धरोहर पूरी तरह नष्ट हो सकती है।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मंदिर की स्थिति का जल्द सर्वे करवाकर उसके संरक्षण और पुनर्निर्माण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं,ताकि क्षेत्र की इस प्राचीन आस्था और धार्मिक विरासत को सुरक्षित रखा जा सके।