सेन्थी शांतिभवन में मरूधर केसरी मिश्रीमल जी म.सा ओर श्री रूपचन्द्र जी म.सा. की जन्म जयंती हर्षोल्लास से मनाई

ओम जैन

शंभूपुरा।स्मार्ट हलचल|चित्तौड़गढ़ शहर के सेन्थी स्थित शांति भवन मे बुधवार को जैन सिद्धान्ताचार्य प्रतिभा श्री जी म.सा. के चातुर्मासिक प्रवचन के तहत श्रमण सूर्य मरूधर केसरी परम पूज्य गुरुदेव श्री मिश्रीमल जी म.सा की 136वीं जन्म जयन्ति एवं लोकमान्य संत शेरे राजस्थान वरिष्ठ प्रवर्तक परम पूज्य गुरुदेव श्री रूपचन्द्र जी म.सा. की 97वीं जन्म जयंति बड़े ही हर्षोल्लास के साथ आपके गुणानुवाद के साथ मनाई गई।
इस अवसर पर साध्वी श्री प्रेक्षा श्री जी मसा. ने फरमाया कि इतिहास कांच के टुकड़ो से नही बल्कि हीरो से बनता है। इतिहास घास के तिनको का नही बल्कि तीरो का बनता है। इतिहास उनका बनता है जो जीवन के संग्राम मे हिम्मत का हथियार दे। इतिहास कायरो का नहीं बल्कि शूरवीरों का बनता है। इस सकल चराचर जगत के निर्बाध कालचक्र में प्रतिक्षण अनेकानेक प्राणी जन्ममरण के कुचक्र मे फैंसकर काल कलवित हो जाते है किन्तु कुछ विरल आत्माएं जन्म लेकर अपने जीवन के कल्याण के लिए अपने जीवन का एक अलग ही मार्ग अपना लेते है जिससे उनका नाम इतिहास के स्वर्णिम पृष्ठों पर अंकित हो जाता है। ऐसी ही एक दिव्य आत्मा है जिन्होने समाज मे व्याप्त अज्ञान रूपी अंधकार को मिटाकर सम्यक ज्ञान रूपी दिप जन मानस में प्रज्जवलित किया। ऐसे श्रमण दिनकर जन जन की आस्था के केन्द्र थे मरुधर केशरी परम पूज्य श्री मिश्रीमल जी म. सा. आपका जन्म राजस्थान की प्रसिद्ध औद्योगिक नगरी बाली में श्रेष्ठीवर्य श्री शेषमल जी एवं श्रेष्ठीवर्या श्रीमती केशरबाई के घर हुआ था।