लाखों का सामान लौटाया, चोर गिरोह के दो शातिर धराए
(शीतल निर्भीक/नीरज पाण्डेय)
वाराणसी। स्मार्ट हलचल|मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन के कुशल मार्गदर्शन व वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त पंकज चुघ के नेतृत्व में वाराणसी मंडल रेलवे सुरक्षा बल ने बीते सप्ताह मानवता, ईमानदारी और मुस्तैदी की मिसाल पेश करते हुए कई बड़ी कार्रवाइयां अंजाम दीं।
मामला तब सामने आया जब 26 अगस्त को गाड़ी संख्या 15112 डाउन प्लेटफॉर्म-3 पर खड़ी थी और जनरल कोच में एक 17 वर्षीय किशोरी अचानक बीमार हालत में मिली। ड्यूटी पर तैनात कांस्टेबल विनय कुमार राय ने तुरंत सूचना दी, जिस पर उप निरीक्षक भोला प्रसाद राम मौके पर दौड़े आए। आरपीएफ और जीआरपी जवानों ने मिलकर बालिका को सुरक्षित स्टेशन के बाहर पहुंचाया और 108 एंबुलेंस बुलाकर महिला कांस्टेबल शशिकला भारती की निगरानी में जिला अस्पताल कबीर चौरा भर्ती कराया। स्वस्थ होते ही चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 को सूचित किया गया और नियमानुसार बालिका को सुरक्षित उसके परिवार तक पहुंचाने की प्रक्रिया पूरी की गई।
इसी बीच “ऑपरेशन अमानत” के तहत औड़िहार स्टेशन पर एक हरे रंग का झोला मिला, जिसमें किताब रखी थी। गाजीपुर के जखनियाँ निवासी मनीष कुमार का यह सामान 24 अगस्त को ट्रेन पकड़ते वक्त छूट गया था। रेल मदद 139 पर शिकायत के बाद हेड कांस्टेबल चन्द्रशेखर पाण्डेय ने खोजबीन कर झोला बरामद किया और दो दिन बाद पहचान सत्यापन के बाद उप निरीक्षक अर्चना उपाध्याय ने करीब ₹500 का सामान यात्री को सौंप दिया।
वहीं थावे स्टेशन पर तैनात कांस्टेबल सूर्य नारायण यादव ने गाड़ी संख्या 15113 के कोच S-1 से छूटा एक ट्रॉली बैग बरामद किया। रामपुर निवासी यात्री आकाश शर्मा जब दस्तावेजों के साथ पोस्ट पहुंचे, तो सहायक उप निरीक्षक हृदयानंद तिवारी ने सत्यापन के बाद करीब ₹3,000 कीमत का सामान लौटाया, जिसमें खाने-पीने की चीजें और कपड़े थे। यात्री ने जवानों की तत्परता की खुले दिल से तारीफ की।
सुरक्षा बल की सबसे बड़ी सफलता बैतालपुर क्षेत्र में देखने को मिली, जहां मुखबिर की सूचना पर टीम ने समपार संख्या 133 AC के पास एक संदिग्ध मोडिफाइड मोटरसाइकिल को रोका, जिसके पीछे सामान ढोने वाला ट्रॉलीनुमा डोंगा लगा था। तलाशी में तीन बोरियों से कुल 59 पेंड्राल क्लिप (ERC), कीमत करीब ₹5,015, बरामद हुईं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पप्पू खान (23) और समीर अंसारी (19) के रूप में हुई, जिनके खिलाफ रेलवे संपत्ति अधिनियम की धारा 3 के तहत देवरिया सदर पोस्ट पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
एक अन्य मामले में गाड़ी संख्या 15083 के कोच S-4 से छूटा ट्रॉली बैग कांस्टेबल जयप्रकाश यादव ने बलिया स्टेशन पर सुरक्षित उतारकर पोस्ट पर जमा कराया। 26 अगस्त को यात्री के पिता भरत पाण्डेय पहुंचे और मोबाइल पर बेटे से बात कर पहचान सत्यापित की गई। इसके बाद उप निरीक्षक विकास कुमार पाण्डेय ने करीब ₹2,000 के कपड़ों सहित बैग परिवार को सौंप दिया। सामान वापस पाकर पिता ने आरपीएफ जवानों की ईमानदारी और संवेदनशीलता की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
मुख्य प्रचार निरीक्षक हिमांशु राव ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा, बच्चों की मदद और रेल संपत्ति की चोरी रोकने के लिए वाराणसी मंडल आरपीएफ की सतर्कता आगे भी जारी रहेगी।
