एकांत दृष्टि से बचकर अनेकांत को समझें, तभी बनेगी सम्यक श्रद्धा — मुनि विवर्धनसागर जी महाराज

 

द्रव्यों में नहीं, मोह के कारण दिखाई देता है सुख-दुःख; आत्मसाधना से ही संसार भ्रमण का अंत संभव

कोटा। स्मार्ट हलचल|रिद्धि-सिद्धि नगर, कुन्हाड़ी स्थित अतिशयकारी श्री 1008 चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में ‘विराग वर्धन वर्षायोग-2026’ के अंतर्गत गणधर मुनि श्री 108 विवर्धनसागर जी महाराज ससंघ के चातुर्मासिक प्रवास के दौरान धर्मसभा आयोजित हुई।
धर्मसभा को संबोधित करते हुए गणधर मुनि श्री 108 विवर्धनसागर जी महाराज ने द्रव्यसंग्रह की गाथा क्रमांक 11 की व्याख्या करते हुए कहा कि प्रत्येक सम्प्रदाय ने अपने मत की पुष्टि के लिए एकांत दृष्टि को अपनाया और अनेकांत को स्वीकार नहीं किया, जिससे मिथ्या मान्यताएं उत्पन्न हुईं। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी मत को अपेक्षा दृष्टि से समझा जाए तो वही बात सम्यक रूप में ग्रहण की जा सकती है। इसलिए सत्य को व्यापक और अनेकांत दृष्टि से समझना आवश्यक है।

मुनिश्री ने कहा कि इस संसार में विभिन्न प्रकार के अनंत जीव पाए जाते हैं। आधुनिक विज्ञान भी समय के साथ जीवों के संबंध में नई जानकारियों तक पहुंचा है। वैज्ञानिक जगदीशचंद्र बसु ने अपने प्रयोगों के माध्यम से वनस्पतियों में संवेदनशीलता का प्रतिपादन किया। जैन दर्शन के अनुसार पृथ्वीकाय, जलकाय, अग्निकाय, वायुकाय और वनस्पतिकाय जीव स्थावर जीवों की श्रेणी में आते हैं। इन्हें एकेंद्रिय जीव कहा जाता है, क्योंकि इनमें केवल स्पर्शन इंद्रिय होती है।
मुनिश्री ने कहा कि संसार के दुःखों से मुक्ति पाने के लिए वास्तविक सुख को समझना आवश्यक है। घर, गाड़ी, आभूषण, पुत्र-पत्नी और अन्य भौतिक वस्तुओं में वास्तविक सुख नहीं होता। मोह के कारण मनुष्य इन वस्तुओं में सुख की कल्पना करता है। वास्तव में वस्तुओं में न तो सुख होता है और न ही दुःख। अपने मोह और कर्मों के कारण जीव स्वयं को सुखी या दुःखी अनुभव करता है। आत्मस्वरूप को पहचानकर और कर्मबंधनों से मुक्त होकर जीव शुद्ध एवं मुक्त अवस्था को प्राप्त कर सकता है।

मंदिर अध्यक्ष राजेंद्र गोधा और पंकज खटोड़ ने बताया कि धर्मसभा के अवसर पर मुनिश्री के पाद प्रक्षालन का सौभाग्य प्रवीण कुमार, राजकुमार बाकलीवाल परिवार, माइलस्टोन कोटा, सुरेंद्र कुमार लाम्बाबास परिवार तथा गोठड़ा परिवार को प्राप्त हुआ।

धर्मसभा में पूर्व न्यायाधीश जैनेंद्र जैन, महावीर बड़ला, मनोज मित्तल, आशीष ठोला, विजय सेठी, संदीप बंसल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं समाजजन उपस्थित रहे।