नामांकन का आखिरी दिन, फिर भी भाजपा-कांग्रेस के सिंबल पर सस्पेंस?

टिकट के दावेदारों की धड़कनें तेज, आखिरी वक्त में खुलेंगे सियासी पत्ते?

भीलवाड़ा स्मार्ट हलचल|नगर निकाय चुनाव में नामांकन दाखिल करने का सोमवार आखिरी दिन है, लेकिन भीलवाड़ा नगर निगम में भाजपा और कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशियों को लेकर अब तक पूरी तस्वीर साफ नहीं है। दोनों प्रमुख दलों के संभावित प्रत्याशी पार्टी के सिंबल का इंतजार क्यों कर रहे हैं? क्या आखिरी घंटों में दोनों पार्टियां अपने पत्ते खोलेंगी?
टिकट को लेकर दावेदारों में जबरदस्त बेचैनी है। कई वार्डों में एक ही पार्टी से कई दावेदार टिकट की दौड़ में हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि किसे मिलेगा पार्टी का सिंबल और किसके हाथ लगेगी निराशा?
आखिर टिकट घोषित करने में देरी क्यों?
नामांकन की अंतिम तारीख सामने होने के बावजूद भाजपा और कांग्रेस की ओर से प्रत्याशियों की तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट नहीं होने से राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं। क्या दोनों दल बगावत और भीतरघात के डर से आखिरी समय तक टिकट रोककर रखना चाहते हैं? या फिर वार्डवार समीकरणों पर अभी भी मंथन चल रहा है?
निर्दलीय मैदान में उतरेंगे बागी?
टिकट की उम्मीद लगाए बैठे दावेदारों ने अपनी तैयारी पूरी कर रखी है। टिकट नहीं मिलने की स्थिति में क्या वे पार्टी का फैसला स्वीकार करेंगे या निर्दलीय मैदान में उतरकर पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के सामने चुनौती खड़ी करेंगे?
यही सवाल भाजपा और कांग्रेस दोनों के सामने सबसे बड़ी चुनौती बनकर खड़ा है।
आज खुलेगा सियासी पिटारा?
नामांकन का आज आखिरी दिन है। लिहाजा आने वाले कुछ घंटे भीलवाड़ा की चुनावी राजनीति के लिहाज से बेहद अहम माने जा रहे हैं। किस वार्ड में किसे टिकट मिलेगा? कौन बनेगा पार्टी का चेहरा? कौन टिकट से वंचित होकर बगावत करेगा? और किसका चुनावी समीकरण बिगड़ेगा?
इन तमाम सवालों के जवाब आज नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के साथ सामने आने की उम्मीद है।
यानी नामांकन का आखिरी दिन सिर्फ पर्चे दाखिल करने का दिन नहीं, बल्कि भाजपा-कांग्रेस की अंदरूनी सियासी रणनीति और संभावित बगावत का ट्रेलर भी साबित हो सकता है।