चित्तौड़गढ़।स्मार्ट हलचल|अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आचार्य तुलसी बहुउद्देशीय फाउंडेशन (एटीबीएफ) के तत्वावधान में रविवार को महिलाओं के लिए विशेष रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। नगर अध्यक्ष पूर्णिमा मेहता के नेतृत्व में आयोजित यह शिविर महाराणा प्रताप सेतु मार्ग स्थित खरडिया महादेव मंदिर परिसर में हुआ, जिसमें महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए सेवा भावना का परिचय दिया।
शिविर में 400 से अधिक महिलाओं ने रक्तदान के लिए पंजीयन कराया, जिनमें से 187 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया। साथ ही एटीबीएफ की महिला टीम द्वारा भी रक्तदान किया गया। हालांकि शिविर में पहुंची लगभग 30 प्रतिशत से अधिक महिलाओं का हीमोग्लोबिन कम पाए जाने के कारण उन्हें रक्तदान की अनुमति नहीं दी गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि मोनोमार्क इंजीनियरिंग की चेयरपर्सन मीना नरेंद्र चोरड़िया, चित्तौड़गढ़ पंचायत समिति की पूर्व प्रधान देवेंद्र कंवर ने भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया।
*अतिथियों ने शिविर का अवलोकन कर महिलाओं का उत्साह बनाए रखा*
शिविर में विशिष्ट अतिथि के रूप में मोनोमार्क इंजीनियरिंग की मुख्य वित्तीय अधिकारी शोभना चोरड़िया, सैनिक स्कूल की वाइस प्रिंसिपल कर्नल पारूल श्रीवास्तव रहें।
शिविर का अवलोकन करने पहुंचे भूमि विकास बैंक के पूर्व चेयरमैन बद्रीलाल जाट, लता पांडिया एवं समस्त दुर्गावाहिनी टीम ने महिलाओं का उत्साहवर्धन कर प्रशस्ति पत्र एवं उपहार भेंट किये।
एटीबीएफ के संस्थापक सुनील ढीलीवाल के नेतृत्व में आयोजित इस शिविर में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। शिविर की विशेषता यह रही कि इसका संचालन पूरी तरह महिला टीम द्वारा किया गया। एक ओर जहां करीब दो दर्जन बेड पर महिलाएं उत्साह के साथ रक्तदान करती नजर आईं, वहीं पूरे परिसर में सेवा और उत्सव का माहौल दिखाई दिया।
*पहले रक्तदाता बनीं हेमलता पुंगलिया*
शिविर में सुबह 10 बजे सबसे पहले हेमलता पुंगलिया ने पंजीयन करवाकर रक्तदान किया। इसके बाद महिलाओं की लंबी कतारें रक्तदान के लिए देखने को मिलीं। शिविर में कई प्रेरणादायक उदाहरण भी सामने आए, जहां परिवारों, मित्रों और रिश्तेदारों ने एक साथ पहुंचकर रक्तदान किया।
*मां-बेटी, पति-पत्नी और मां-बेटे ने दिया प्रेरणादायक संदेश*
शिविर में कई पारिवारिक जोड़ियों ने रक्तदान कर सामाजिक संदेश दिया। कृति सोमानी ने अपनी माता स्नेहलता सोमानी के साथ रक्तदान किया, जिसमें कृति ने पहली बार जबकि स्नेहलता ने लगातार छठी बार रक्तदान किया। इसी प्रकार अनामिका जैन और रानी जैन ने भी मां-बेटी के रूप में रक्तदान किया। शिप्रा श्रीमाल और रिषिता श्रीमाल मां बेटी सहित तारा बारबर मां ने पहली बार और उनकी पुत्री खुशी सेन ने दूसरी बार रक्तदान करते हुए अपनी मां को प्रेरित किया।
पति-पत्नी की जोड़ी में विजित और उनकी पत्नी निधि जैन ने एक साथ रक्तदान किया, वहीं ध्रुव वाजपेई अपनी मां नमिता वाजपेई के साथ शिविर में पहुंचे और रक्तदान किया।
नियमित रक्तदाताओं ने पेश की मिसाल
रक्तदान के क्षेत्र में कई महिलाएं निरंतर योगदान देती नजर आईं। पारुल बसेर ने 42वीं बार, उमा शर्मा ने 28वीं बार, रीना काबरा ने 18वीं बार, शिप्रा श्रीमाल ने 17वीं बार, रिंकू आगाल और सपना शर्मा ने 16वीं बार तथा रचना सिसोदिया और कमलेश ने 15वीं बार रक्तदान कर समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया।
*18वें जन्म दिवस पर प्रथम बार रक्तदान कर मनाया जन्मदिन*
रिना व्यास का 18 वां जन्मदिन महिला दिवस के दिन होने से पहली बार रिना ने रक्तदान शिविर में पहुंच कर रक्तदान कर जन्मदिन मनाया।
*सहेलियों और परिवारों की सामूहिक भागीदारी*
सहेलियों के एक समूह ने भी एक साथ शिविर में पहुंचकर रक्तदान किया। प्राप्ति जैन, खुशी भंडारी, डिम्पल सुराणा, दीक्षित्ता सुराणा और आरुषि आचार्य पांचों सहेलियों ने मिलकर रक्तदान किया।
इसी प्रकार परिवार की विभिन्न पीढ़ियों की भागीदारी भी देखने को मिली। आशा ईणानी अपनी बहुओं प्रियंका और खुशबू के साथ रक्तदान करने पहुंचीं। प्रेम वैष्णव सास और शालिनी वैष्णव बहू ने एकसाथ शिविर में पहुंच कर रक्तदान किया। आरके कॉलोनी निवासी शालिनी सोनी अपनी पड़ोसिनों रेणुका भट्ट, संगीता कंवर और ललिता सुथार के साथ शिविर में पहुंचीं और रक्तदान किया।
इसी क्रम में महिला पुलिस कांस्टेबल तन्नु जाट ने पांचवीं बार रक्तदान किया, जबकि कांस्टेबल जतन पलोड़ ने पहली बार रक्तदान करते हुए सामाजिक जिम्मेदारी निभाई। दोनों एक साथ शिविर में पहुंचे और रक्तदान किया।
*मेवाड़ यूनिवर्सिटी की महिलाओं की विशेष भागीदारी*
मेवाड़ यूनिवर्सिटी की प्रशासनिक अधिकारी सपना शर्मा भी अपने साथ सात महिलाओं को लेकर रक्तदान करने पहुंचीं। उन्होंने बताया कि वे पिछले दस वर्षों से प्रतिवर्ष 10 से 20 महिलाओं के साथ इस शिविर में रक्तदान करने आ रही हैं।
*सेल्फी पॉइंट, अल्पाहार और प्रदर्शनी बने आकर्षण*
शिविर में रक्तदान के बाद महिलाओं ने विशेष रूप से बनाए गए सेल्फी पॉइंट पर अपने ब्लड ग्रुप के प्रतीक चिन्ह के साथ फोटो खिंचवाए। साथ ही एटीबीएफ की रक्तदान क्षेत्र में उपलब्धियों को दर्शाने वाली प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसने आगंतुकों को प्रेरित किया। रक्तदाताओं के लिए अल्पाहार और उपहार की व्यवस्था भी की गई, जो मोनोमार्क इंजीनियरिंग की ओर से उपलब्ध कराए गए।
*चिकित्सकीय टीम ने निभाई अहम भूमिका*
रक्तदान से पूर्व सभी महिलाओं का पंजीयन कर हीमोग्लोबिन जांच की गई। जिला चिकित्सालय की टीम ने डॉ. रोहित धाकड़ के नेतृत्व में रक्त संग्रह किया। टीम में लैब टेक्नीशियन रक्षा कुमारी, राकेश कुमार गडवाल, पूजा साहू, भरत जोशी, कुलदीप सिंह बड़वा, लक्ष्मण शर्मा, नर्सिंग ऑफिसर महेश चंद्र अग्रवाल, काउंसलर भानू मंगल, एमटीएस सीमा लोहार सहित जीएनएम नर्सिंग के विद्यार्थियों ने सेवाएं दीं। जिन महिलाओं का हीमोग्लोबिन कम पाया गया, उन्हें रक्तदान से रोकते हुए स्वास्थ्य सुधारने की सलाह दी गई।
*दस वर्षों से हो रहा आयोजन*
नगर अध्यक्ष पूर्णिमा मेहता ने बताया कि महिला दिवस के अवसर पर पिछले लगभग दस वर्षों से महिलाओं के लिए विशेष रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। रक्तदान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के कारण वर्ष 2022 में एटीबीएफ का नाम लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज हो चुका है। शिविर के लिए महिला टीम पिछले दो महीनों से स्कूलों, कॉलेजों, संस्थानों और घर-घर जाकर महिलाओं को रक्तदान के लिए प्रेरित कर रही थी।
*इनका रहा विशेष सहयोग*
शिविर के आयोजन में नगर अध्यक्ष पूर्णिमा मेहता, सचिव अनामिका चौहान,उपाध्यक्ष दिलखुश खेरोदिया, सपना जैन, तारा सहलोत, ज्योति चौपड़ा, सरोज नाहर, राखी गुप्ता, आशा वेद, श्वेता ढीलीवाल, नेहा सुराणा, निशिका ढीलीवाल, ममता नंदावत, मीनाक्षी लड्ढा,अरुणा पोखरना, शिवानी साहू, दीपिका छिपा, उषा कुमावत, सहित कई कार्यकर्ताओं का सहयोग रहा।
इसके अलावा जिलाध्यक्ष अनिल भूतड़ा, देव शर्मा, अर्पित बोहरा, संजय जैन, सुरेंद्र टेलर, मुकेश शर्मा, ललित टहल्यानी, कैलाश सोनी, लक्ष्मण छीपा, दिनेश वैष्णव, अपुल चिपड़, दिलीप सुथार, रवि जैन, शैलेंद्र रांका, कुंदन गुर्जर, मदन गोस्वामी, सौरभ ढीलीवाल, दिनेश ओझा और नासिर हुसैन, अभियंता अनिल सुखवाल, दुर्गेश लक्षकार, सीपी भावसार ने भी व्यवस्थाओं में सहयोग दिया।
महिला दिवस पर आयोजित इस शिविर ने न केवल महिलाओं में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाई, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और मानवता का संदेश भी दिया।
