कोटा। स्मार्ट हलचल|सर्व ब्राह्मण समाज के नेतृत्व में यूजीसी की कथित दमनकारी नीतियों के विरोध में रविवार को जलसत्याग्रह कर विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान समाज के लोगों ने नारों के साथ अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए संबंधित प्रावधानों पर पुनर्विचार की मांग उठाई।
जिलाध्यक्ष कौशल गौत्तम ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने प्रतीकात्मक रूप से अर्धनग्न होकर यूजीसी के विरोध में नारेबाजी की और अपनी नाराजगी जताई। समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि यूजीसी द्वारा लागू किए जा रहे कुछ प्रावधानों को लेकर सामान्य वर्ग में व्यापक असंतोष है।
युवा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष विनोद गौत्तम ने कहा कि संबंधित प्रावधान सामान्य वर्ग के मौलिक अधिकारों—अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21—पर प्रभाव डाल सकते हैं। उनका मानना है कि ऐसे नियम समाज में जातिगत विभाजन की आशंका उत्पन्न कर सकते हैं और इससे सामाजिक संतुलन प्रभावित हो सकता है। उन्होंने इन नियमों पर व्यापक पुनर्विचार की आवश्यकता जताई। गौत्तम समाज का राष्ट्रीय महासचिव जितेंद्र गौत्तम ने समाज के विभिन्न वर्गों के लोग इस आंदोलन से जुड़े हैं और यह विरोध लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का प्रयास है।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष कौशल गौत्तम, गौत्तम समाज का राष्ट्रीय महासचिव जितेंद्र गौत्तम, चंद्रप्रकाश गौतम, सुशील गौतम, कुलदीप श्रृंगी, राजेश शर्मा, यश गौतम, मोहित गौतम, सौरभ शर्मा, रोनक शर्मा, अक्षत्र शर्मा, श्याम शर्मा, नरोत्तम शर्मा, महेश व्यास सहित समाज के कई लोग उपस्थित रहे।
