ब्यावर नगर परिषद चुनाव: भाजपा-कांग्रेस के 60-60 प्रत्याशी मैदान में, नामांकन प्रक्रिया तेज

ब्यावर, स्मार्ट हलचल। नगर परिषद चुनाव 2026 को लेकर ब्यावर में भाजपा और कांग्रेस ने अपने-अपने अधिकृत प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है। दोनों प्रमुख दलों के प्रत्याशी मैदान में आने के साथ ही ब्यावर नगर परिषद के सभी 60 वार्डों में चुनावी तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है।

भाजपा ने सभी 60 वार्डों में अपने अधिकृत प्रत्याशी घोषित किए हैं। भाजपा प्रत्याशियों को पार्टी सिंबल सौंपे जाने के साथ नामांकन प्रक्रिया ने भी तेजी पकड़ ली है। सोमवार को भाजपा के अधिकृत प्रत्याशियों के नामांकन की प्रक्रिया के तहत पार्टी के सिंबल उपखंड अधिकारी कार्यालय में जमा करवाए गए।

इस दौरान निकाय प्रभारी सरिता गैना, विधायक शंकर सिंह रावत एवं भाजपा नेता अभिषेक सिंह चौहान की मौजूदगी में पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के नामांकन के लिए आवश्यक सिंबल उपखंड अधिकारी, ब्यावर को सौंपे गए। इस दौरान भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता और प्रत्याशी मौजूद रहे।

भाजपा नेताओं ने बताया कि नगर परिषद चुनाव को लेकर पार्टी पूरी तरह तैयार है। पार्टी द्वारा घोषित सभी प्रत्याशी अधिकृत चुनाव चिह्न पर चुनाव मैदान में उतरेंगे। नामांकन प्रक्रिया के अंतिम चरण में पार्टी कार्यकर्ताओं और प्रत्याशियों में उत्साह नजर आया।

वहीं कांग्रेस ने भी लंबे इंतजार के बाद अपने 60 वार्डों के प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी। जिला कांग्रेस अध्यक्ष किशोरसिंह चौधरी के हस्ताक्षर से जारी सूची में कई नए चेहरों को मौका दिया गया है। कांग्रेस की सूची में ऐसे कई चेहरे भी शामिल हैं, जिन्होंने पूर्व में भाजपा से टिकट की दावेदारी की थी। टिकट नहीं मिलने के बाद कांग्रेस में शामिल हुए इन दावेदारों को कांग्रेस ने अपने प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतारा है।

भाजपा और कांग्रेस की सूचियां सामने आने के बाद ब्यावर के सभी 60 वार्डों में चुनावी मुकाबला रोचक हो गया है। कई वार्डों में दोनों प्रमुख दलों के प्रत्याशियों के साथ निर्दलीय और अन्य उम्मीदवार भी मैदान में हैं, जिससे बहुकोणीय मुकाबले के आसार बन रहे हैं।

ब्यावर के 60 वार्डों में भाजपा-कांग्रेस का आमना-सामना

वार्डभाजपा प्रत्याशीकांग्रेस प्रत्याशी
1नीतू चौधरीविमला / अशोक चौधरी
2अशोक वैष्णवप्रताप काठात
3अन्नू शेखावतवन्दना / दीपक गुर्जर
4नरेश कनोजियाराहुल शर्मा
5प्रमोद चौहानसुरेन्द्र यादव
6सुनिता भाटीकान्ता ग्वाला
7विनोद कुमारकमल पोपावत
8लक्ष्मीसंतोषदेवी सांखला
9जयसिंह रावतइब्राहिम खाँ
10मोहम्मद शाहिदअजमत काठात
11बद्री सामारिया सैनीहनुमान सांखला
12डॉ. मुकेश जांगिड़विक्रांत यादव
13ज्योति गुप्तारश्मि शर्मा
14दिनेश कुमावतअजय शर्मा
15शशी बालाकमला दगदी
16उषाजसौदा पंवार
17मोहम्मद जावेदमोहम्मद इमरान
18नजमा बानोकुबरा बानो
19दीशान हरचन्दानीमनीष सांखला
20मनोज बाबेलअनिल गांदिया
21गायत्री साहूअलका साहू
22हेमन्त चंदेलघनश्याम फुलवारी एडवोकेट
23प्रणय गहलोतभरत बाघमार
24खुशबू कुमारीकंचन / राजेन्द्र तुनगरिया
25गीता फुलवारीशिवांगी नागौरा
26मनीष मेहताभरत बंधीवाल
27पुष्पाबबीता जांगिड
28राजेश्वरी दाधीचसरस्वती शर्मा
29प्रमोद शर्मादीपक कुमार रामचंदानी
30हरीश सामारियाचेतन प्रकाश भट्ट
31दशरथ कुमारलोकेश सांमरिया
32ललिता सिंगारियानिर्मला भट्ट
33चेतन सिंहकमला रावत
34पिंकी कुमावतसंजय चौहान
35पूनमचेतनराम मेघवाल
36सुरेन्द्र चौहानदलपत राज मेवाड़ा
37रवि टांकमुकेश लखन एडवोकेट
38दिलीप बाबेल भण्डारीपारस जैन
39ईशा जैनपिंकी संचेती
40सम्पतराज जॉंगिड़जमालुद्दीन
41गोपाल सिंह रावतविजय सिंह
42राम अवतार लाटाविक्रम सोनी
43वर्षा तिलोकानीसाक्षी सिंह राठौड़
44तुलसीराम शर्माराजेन्द्र कुमावत
45दरियाव कँवरसुनीता
46सुखदेव सिंह रावतवीरेन्द्र आवाणा एडवोकेट
47राज सिंहराहुल कड़ीवाल
48गुलाब सिंहप्रभु सिंह
49किशोर पाल चौहानधुल सिंह
50दीपिकारीना तंवर
51भोम सिंह रावतकरण सिंह रावत
52महेन्द्र चौहान (माली)मुकेश बाफना
53ईश्वर तँवरराहुल भट्ट
54संतोष कँवरमोनिका चौहान
55मूल सिंह राजपुरोहितकैलाश गहलोत
56कविता बोहराकमलेश बोहरा
57ममताभारती शर्मा
58गोविन्द अग्रवालअजय मूंदड़ा
59सुनीता चौधरीजान मोहम्मद
60ललित कुमारनेमीचन्द

टिकट से वंचित दावेदारों पर भी नजर

दोनों दलों में टिकट वितरण को लेकर लंबे समय तक मंथन चला। कई वार्डों में एक से अधिक दावेदार होने के कारण प्रत्याशियों के चयन में पार्टी नेतृत्व को मशक्कत करनी पड़ी। अब टिकट से वंचित दावेदारों की अगली रणनीति पर भी राजनीतिक दलों की नजर रहेगी।

कांग्रेस की सूची में भाजपा से टिकट की दावेदारी कर चुके कई चेहरों को मौका दिए जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। अब यह देखना रोचक होगा कि पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं और नए शामिल हुए प्रत्याशियों के बीच किस तरह का तालमेल बनता है और इसका चुनाव परिणाम पर कितना असर पड़ता है।

निर्दलीय प्रत्याशी भी बिगाड़ सकते हैं समीकरण

भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों के साथ अन्य दलों और निर्दलीय प्रत्याशियों के मैदान में उतरने के बाद कई वार्डों में बहुकोणीय मुकाबले के आसार हैं। टिकट से नाराज दावेदारों के निर्दलीय मैदान में उतरने की स्थिति में दोनों प्रमुख दलों के अधिकृत प्रत्याशियों के सामने चुनौती बढ़ सकती है।

नगर परिषद में सभापति पद सामान्य होने के चलते इस बार चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां पहले से ही तेज हैं। अब सभी की निगाहें चुनाव परिणाम पर टिकी हैं कि 60 वार्डों में भाजपा और कांग्रेस में से कौन अधिक सीटें जीतकर नगर परिषद में मजबूत स्थिति बना पाता है।