श्रीश्रीमाल पाली में हुआ अभिनंदन समारोह, 4 सितंबर को बीकानेर में लेंगे दीक्षा
अनिल कुमार खींची
ब्यावर। स्मार्ट हलचल|आचार्य श्री रामेश एवं उपाध्याय श्री राजेश मुनि महाराज की महती कृपा से ब्यावर निवासी मुमुक्षु भाई शुभम श्रीश्रीमाल संसार के समस्त वैभव का त्याग कर 4 सितंबर को बीकानेर में संयम पथ पर आगे बढ़ेंगे। दीक्षा से पूर्व मंगलवार को पाली में उनका अभिनंदन एवं बहुमान समारोह आयोजित किया गया।
अहिंसा प्रचारक महेश नाहटा ने बताया कि मंगलवार सुबह प्रवचन के पश्चात समता भवन से बड़घोड़ा प्रारंभ हुआ, जो विभिन्न मार्गों से होते हुए नोलखा जैन मंदिर पाली पहुंचा। मंदिर स्थित स्वाध्याय हॉल में आयोजित अभिनंदन समारोह में साधुमार्गी जैन संघ ब्यावर के अध्यक्ष गौतमचंद चौधरी, महामंत्री धर्मीचंद औस्तवाल, कोषाध्यक्ष निहालचंद कोठारी, मंत्री कैलाश खींचा, सहमंत्री नोरतमल बाबेल तथा समता युवा संघ अध्यक्ष अंकुश बोहरा ने मुमुक्षु शुभम श्रीश्रीमाल का माला एवं शॉल पहनाकर अभिनंदन किया तथा अभिनंदन पत्र भेंट किया।
इससे पूर्व समता भवन पाली में शासन दीपक श्री श्रुतप्रभु मुनि महाराज ने प्रवचन में कहा कि व्यक्ति को अपने भविष्य के निर्माण के लिए आत्मस्वरूप को जानने का लक्ष्य रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि संसार के धन और भोगों की आसक्ति को समझना जरूरी है। “एक बात मन में रट लो—त्याग में सुख है।” उन्होंने कहा कि संयम में ही वास्तविक भविष्य है और जितना समय आसक्तियों में बीतेगा, उतनी ही देर संयम के मार्ग पर आने में होगी।
मुनि महाराज ने दीक्षा के अवसर पर संकल्प लेने का आह्वान करते हुए कहा कि “मेरा एक चातुर्मास गुरुदेव के साथ हो” यह भावना मन में रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संयम जितना शीघ्र आएगा, संसार से उतना ही शीघ्र मोह छूटेगा। इस दौरान भजन के माध्यम से “यह संसार दुःखों में उलझ रहा, वैरागी बनूं…” का संदेश दिया गया।
अहिंसा प्रचारक महेश नाहटा ने कहा कि पाली संघ को मिला यह चातुर्मास इतिहास बनने जा रहा है। उन्होंने संघ से विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में व्यसन मुक्ति के कार्यक्रम आयोजित करने का आह्वान किया। वहीं ब्यावर संघ अध्यक्ष गौतमचंद चौधरी ने भजन के माध्यम से “गुरु आज्ञा में चलना, न करना मनमानी” का संदेश दिया।
समारोह में ब्यावर से उत्तम श्रीश्रीमाल, वीर पिता अशोक कोठारी, प्रकाशचंद रांका, अनिल श्रीश्रीमाल, भागचंद श्रीश्रीमाल, अशोक खाबिया जेठाना सहित पाली श्री साधुमार्गी जैन संघ के मोहनलाल तालेसरा, अध्यक्ष संपत राज देढ़िया, पदमचंद लोढ़ा, अशोक श्रीश्रीमाल, ज्ञानचंद श्रीश्रीमाल, प्रतापगढ़ से वीर पिता अशोक चीपड़ तथा जोधपुर श्री संघ से भागचंद सिंघवी, नेमीचंद पारख, गुलाबचंद चोपड़ा सहित समाजजन उपस्थित रहे।
