खखरेरू/स्मार्ट हलचल|फतेहपुर कोट गांव में हलछठ पर्व के अवसर पर बुधवार को परंपरागत मेला और विशाल दंगल का आयोजन किया गया। मेले में हिंदू-मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। दोनों समुदायों ने आपसी भाईचारे के साथ पर्व मनाकर गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश की।
कोट गांव के मजरा चंदनमऊ और मकसूदनपुर की महिलाओं ने पूर्वजों की करीब दो दशक पुरानी परंपरा को आज भी कायम रखा है। हलछठ पर्व पर महिलाओं ने हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार मिट्टी और चीनी के कुल्हड़ों में चना व ज्वार भरकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इसके बाद मेले में लोगों की भीड़ जुटी।
मेले का मुख्य आकर्षण विशाल दंगल रहा। इसमें दिल्ली, कानपुर, फिरोजाबाद, प्रयागराज और कौशांबी समेत कई जनपदों से पहुंचे नामी पहलवानों ने अखाड़े में अपने दांव-पेंच दिखाए। मुकाबलों को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुटी रही।
कोट गांव के उभरते पहलवान फरहान खान ने कौशांबी के पहलवान मनोज सिंह को पटखनी देकर मुकाबला अपने नाम किया। वहीं दंगल की सबसे बड़ी और अंतिम इनामी कुश्ती दिल्ली के जितेंद्र पहलवान और प्रयागराज के गोला पहलवान के बीच हुई। दोनों पहलवानों के बीच रोमांचक मुकाबला देखने को मिला। अंत में प्रयागराज के गोला पहलवान ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज कर अंतिम इनामी कुश्ती अपने नाम कर ली।
इस अवसर पर मेला कमेटी के अध्यक्ष मतीन खान, बीडीसी सदस्य राशिद खान, करीम खान, जैद उल्ला सहित क्षेत्र के सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
