पोटलां में कृष्ण जन्माष्टमी की धूम: सत्यनारायण भगवान मंदिर प्रांगण में क्रेन पर सजी मटकी, वॉलीबॉल टीम ग्रुप बनी विजेता

पोटलां। स्मार्ट हलचल|कस्बे में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार अगाध श्रद्धा, उल्लास और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ धूमधाम से मनाया गया। मध्यरात्रि को भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के साथ ही पूरा क्षेत्र नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। इस अवसर पर कस्बे के प्रमुख मंदिरों में मनमोहक झांकियां सजाई गईं तथा मटकी फोड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जन्माष्टमी पर्व के उपलक्ष्य में कस्बे में तीन प्रमुख स्थानों—सत्यनारायण भगवान मंदिर प्रांगण, माली मोहल्ला एवं नई नगरी—में मटकी फोड़ कार्यक्रम आयोजित किए गए। मटकी फोड़ का सबसे बड़ा और मुख्य आयोजन सत्यनारायण भगवान मंदिर के सामने स्थित बालाजी मंदिर प्रांगण में संपन्न हुआ। यहाँ आयोजकों द्वारा एक विशाल क्रेन के माध्यम से मटकी को आकर्षक रूप से सजाकर काफी ऊंचाई पर लटकाया गया था। मटकी फोड़ प्रतियोगिता में कुल 5 युवाओं के ग्रुपों (टीमों) ने भाग लिया और मटकी तक पहुँचने के लिए एक से बढ़कर एक पिरामिड बनाए। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद अंततः वॉलीबॉल टीम ग्रुप ने सफलता प्राप्त करते हुए मटकी फोड़कर विजेता का खिताब अपने नाम किया। आयोजन समिति की ओर से विजेता टीम को नकद राशि भेंट कर सम्मानित किया गया। जन्माष्टमी पर कस्बे के सभी प्रमुख देवालयों को विद्युत सज्जा, पुष्प मालाओं और झंडियों से भव्य रूप से सजाया गया था। जिन प्रमुख मंदिरों में विशेष साज-सज्जा एवं अलौकिक श्रृंगार किया जिसमें एक दर्जन मंदिर सांवलिया जी मंदिर,चारभुजा नाथ बड़ा मंदिर,सत्यनारायण भगवान मंदिर,लक्ष्मी नारायण मंदिर,नरसिंह द्वारा मंदिर,चंवरा चारभुजा नाथ का मंदिर,नाई मोहल्ला चारभुजा नाथ मंदिर, मुरलीधर अस्थल मंदिर इसके अलावा भी कस्बे के एक दर्जन से अधिक मंदिरों में ठाकुर जी का आकर्षक श्रृंगार कर दर्शनार्थियों के लिए पट खोले गए, जहाँ दर्शन के लिए दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। रात 12 बजते ही गगनभेदी जयकारों, शंखध्वनि और घडि़यालों की गूंज के साथ भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया। इसके पश्चात सभी मंदिरों में एक साथ महाआरती का आयोजन हुआ। जन्मोत्सव के उपरांत भगवान को विभिन्न प्रकार के व्यंजनों एवं फलों का भोग समर्पित किया गया। फल-फ्रूट,ताजा मक्खन एवं मिश्री,धनिया,पंजीरी,पंचामृत,स्वादिष्ट खीर एवं मालपुआ का भोग लगाकर श्रद्धालुओं में प्रसाद का वितरण किया गया। देर रात तक भक्तजन भजनों की धुन पर झूमते रहे और संपूर्ण कस्बे में उत्सव जैसा माहौल बना रहा।