सड़क के नाम पर खानापूर्ति अमरतिया-पितास मार्ग बना ग्रामीणों की परेशानी, चुनावी चेतावनी से बढ़ी सियासी हलचल

रमेश चंद्र डाड

आकोला|स्मार्ट हलचल|कोटड़ी तहसील के अमरतिया और अमरतिया का झुपड़ा गांव में बदहाल सड़क को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। वर्षों से मूलभूत सुविधाओं के अभाव और प्रशासनिक अनदेखी और पंचायत की ओर से भी इसका समाधान नहीं करने के आरोपों के बीच ग्रामीणों ने जिम्मेदारों की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं।ग्रामीणों के अनुसार अमरितया-पितास सड़क का काम करीब 8-9 महीने पहले शुरू हुआ था, लेकिन ठेकेदार आधा-अधूरा काम छोड़कर चला गया। सड़क की बदहाली के चलते मरीजों, महिलाओं और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आखिर क्या कारण रहा होगा कि ठेकेदार को काम बंद करना पड़ा

हालात इतने खराब हुए कि ग्रामीणों को खुद आगे आना पड़ा। वीडियो में दिखाई दे रहे सड़क के गड्ढों को ग्रामीणों ने अपने स्तर पर मिट्टी डलवाकर भरने का प्रयास किया, लेकिन बारिश और जलभराव के कारण समस्या फिर जस की तस बनी हुई है। अब ग्रामीणों का कहना है कि अस्थायी मिट्टी भरने से समाधान नहीं होगा, सड़क का स्थायी निर्माण जरूरी है।

 

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो आगामी चुनाव में इसका असर देखने को मिलेगा और किसी भी राजनीतिक दल के कार्यकर्ताओं को गांव में प्रवेश करने से पहले समस्या का सामना भी करना पड़ सकता हैं अब नजर प्रशासन और जिम्मेदार विभाग पर—क्या ग्रामीणों की आवाज पहुंचेगी जिम्मेदारों तक, या यह बदहाल सड़क चुनावी मुद्दा बनकर ही रहेगी