मांडल ग्राम पंचायत में फर्जी पट्टों का आरोप, जांच के आदेश

सुरेश चंद्र मेघवंशी

मांडल। ग्राम पंचायत मांडल में आबादी भूमि के कथित फर्जी पट्टे जारी करने का मामला सामने आया है। इस संबंध में ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी संजना जोशी को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जारी पट्टों को निरस्त करने की मांग की है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि राजकीय दस्तावेजों में कथित रूप से हेरफेर कर करीब 250 से 300 लोगों को आबादी भूमि के पट्टे जारी किए गए हैं। जबकि इनमें से कई लोगों के पास पहले से ही मकान और अन्य संपत्तियां मौजूद हैं। ऐसे में नियमों के विरुद्ध तरीके से पट्टे जारी कर पंचायत की आबादी भूमि को खुर्द-बुर्द किया गया है, जिससे क्षेत्र के लोगों में नाराजगी है।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि प्रशासक संजय भडिया और ग्राम विकास अधिकारी कजोड़मल गुर्जर की मिलीभगत से पट्टेधारियों को फर्जी तरीके से पट्टे जारी किए गए और उनके पंजीयन की भी तैयारी की जा रही थी। ग्रामीणों ने मांग की कि वर्तमान प्रशासक के कार्यकाल में जारी सभी पट्टों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा जांच पूरी होने तक उनके पंजीयन पर रोक लगाई जाए।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि हाईवे और मुख्य मार्गों के आसपास की भूमि पंचायत के विकास कार्यों के लिए सुरक्षित रखी जानी चाहिए। नियमों के अनुसार मुख्य सड़क से 500 मीटर की दूरी तक रियायती दर पर पट्टे जारी नहीं किए जा सकते, इसके बावजूद ऐसे पट्टे जारी किए जाने का आरोप लगाया गया है।
इस संबंध में उपखंड अधिकारी संजना जोशी ने कहा कि शिकायत की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उन्होंने तहसीलदार को निर्देश दिए हैं कि जांच पूरी होने तक संबंधित पट्टों का पंजीयन नहीं किया जाए। फिलहाल इन पट्टों के पंजीयन पर रोक लगा दी गई है।