11 सितंबर को मतदान को लेकर पुलिस-प्रशासन अलर्ट, बोले-गड़बड़ी की कोशिश हुई तो सख्ती से निपटेंगे
शाहपुरा। मूलचन्द पेसवानी
स्मार्ट हलचल|नगर पालिका चुनाव में 11 सितंबर को होने वाले मतदान से पहले पुलिस और प्रशासन ने कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष मतदान का संदेश देने के लिए सोमवार शाम पुलिस के जवानों ने शहर के प्रमुख मार्गों और बाजारों में फ्लैग मार्च किया। आला अधिकारियों की अगुवाई में निकले फ्लैग मार्च से शहर में पुलिस-प्रशासन की मुस्तैदी का संदेश साफ नजर आया।
शाहपुरा नगर पालिका के रिटर्निंग अधिकारी एवं एसडीएम बनवारीलाल सिनसिवार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजुम कायल, डिप्टी नानालाल सालवी तथा थाना प्रभारी लालाधर मालवीय की अगुवाई में पुलिस दल ने त्रिमूर्ति स्मारक से फ्लैग मार्च शुरू किया।
फ्लैग मार्च शहर के प्रमुख बाजारों और मुख्य मार्गों से होता हुआ बालाजी की छतरी तक पहुंचा। इस दौरान पुलिस जवानों के मार्च ने चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन की गंभीरता का संदेश दिया।
गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं, हर स्थिति पर नजर
पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नगर पालिका चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।
अधिकारियों ने कहा कि चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बिगाड़ने, मतदाताओं को प्रभावित करने अथवा किसी प्रकार की अशांति पैदा करने की कोशिश करने वालों पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आचार संहिता का पालन करने की अपील
प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने शहरवासियों से आदर्श आचार संहिता का अक्षरशः पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण वातावरण में मतदान कराना प्रशासन की प्राथमिकता है और इसमें आमजन की भूमिका भी महत्वपूर्ण है।
अधिकारियों ने मतदाताओं से बिना किसी भय या दबाव के मतदान करने तथा चुनाव प्रक्रिया में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। साथ ही भरोसा दिलाया कि पुलिस एवं प्रशासन आमजन की सहायता के लिए हर समय तत्पर रहेगा।
मतदान से पहले बढ़ी निगरानी
11 सितंबर को होने वाले मतदान को देखते हुए शहर में पुलिस की निगरानी और सक्रियता बढ़ा दी गई है। फ्लैग मार्च के जरिए प्रशासन ने एक ओर जहां आम मतदाताओं में सुरक्षा का भरोसा पैदा करने का प्रयास किया, वहीं असामाजिक तत्वों को भी स्पष्ट संदेश दिया कि चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ की कोई गुंजाइश नहीं होगी।