अफीम किसानों की समस्याओं को लेकर वित्त मंत्री से मिला भारतीय किसान संघ का प्रतिनिधिमंडल

(रमेश चंद्र डाड)

नई अफीम नीति 2026-27 में किसान हित के सुझाव दिए, कटे पट्टे बहाल करने समेत कई मांगें उठाईं

आकोला।स्मार्ट हलचल|भारतीय किसान संघ राजस्थान प्रदेश का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने अफीम किसानों को आ रही विभिन्न समस्याओं से अवगत कराते हुए आगामी अफीम नीति 2026-27 को किसान हितैषी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव एवं मांगें रखीं।प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि 1990 से आज तक उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर सभी कटे हुए अफीम पट्टे पुनः जारी किए जाएं। साथ ही अफीम का न्यूनतम मूल्य बढ़ाकर 10 हजार रुपये प्रति किलो किया जाए। किसानों ने मार्फिन की अनिवार्यता समाप्त कर वजन आधारित औसत को आधार मानने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि मार्फिन पूरी तरह प्रकृति आधारित होने के कारण इसके आधार पर किसानों का मूल्यांकन करना उचित नहीं है।

किसान संघ ने NDPS अधिनियम की धारा 8/18 में संशोधन तथा धारा 8/29 को समाप्त करने की मांग भी रखी। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार धारा 8/29 के कारण भोले-भाले किसानों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा सभी किसानों को समान आरी के पट्टे जारी करने तथा CPS वाले किसानों को भी लुवाई-चिराई के पट्टे दिए जाने की मांग की गई।

प्रतिनिधिमंडल ने अफीम किसानों की एक अन्य प्रमुख समस्या उठाते हुए कच्चा तौल पूरी तरह बंद करने और अफीम नीति को हर वर्ष जारी करने के बजाय पांच वर्ष की अवधि के लिए लागू करने का सुझाव दिया, ताकि किसानों को दीर्घकालीन नीति की स्पष्टता मिल सके।

इसी क्रम में डोडाचूरा को NDPS के दायरे से हटाकर आबकारी विभाग के अधीन लेने की मांग भी रखी गई। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि अफीम और डोडा का उपयोग सदियों से आयुर्वेदिक औषधियों में होता रहा है। वहीं वर्तमान समय में रासायनिक पदार्थों से तैयार किए जा रहे MD जैसे घातक नशीले पदार्थों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कठोर कानून बनाए जाने की आवश्यकता है।

प्रतिनिधिमंडल में भारतीय किसान संघ के प्रदेश अफीम आयाम प्रमुख बद्रीलाल जाट, प्रदेश राजस्व प्रमुख शिवराज पुरी, प्रांत जैविक प्रमुख गोपाल खटवड़, गीतालाल धाकड़ कनेरा एवं सोहनलाल आंजना छोटीसादड़ी शामिल रहे।

बैठक के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ नारकोटिक्स आयुक्त दिनेश बिसेन एवं वित्त मंत्रालय के अधिकारी भी उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि सरकार आगामी अफीम नीति में किसानों की समस्याओं और सुझावों को प्राथमिकता देते हुए राहतकारी निर्णय लेगी।