प्रचार खत्म, अब ‘मत’ की ताकत का इम्तिहान
जहाजपुर में कल मतदान, साइलेंस पीरियड में आचार संहिता की अग्निपरीक्षा
जहाजपुर। नगर पालिका चुनाव का प्रचार अभियान गुरुवार शाम 5 बजे थमने के साथ ही अब चुनावी मुकाबला प्रचार से निकलकर सीधे मतदाताओं के फैसले तक पहुंच गया है। शुक्रवार को होने वाले मतदान से पहले आज का दिन प्रत्याशियों और उनके समर्थकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। अब सार्वजनिक प्रचार, सभाओं, रैलियों और मतदाताओं को प्रभावित करने वाली गतिविधियों से दूरी बनाए रखना जरूरी है।
जहाजपुर नगर पालिका के 25 वार्डों में कल मतदान होगा। चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा, कांग्रेस सहित निर्दलीय प्रत्याशियों ने अपने-अपने पक्ष में माहौल बनाने के लिए पूरी ताकत झोंकी। अंतिम दिन तक चली चुनावी गतिविधियों के बाद अब प्रचार का शोर थम चुका है और मतदाता अपने निर्णय को अंतिम रूप देने की स्थिति में हैं।
साइलेंस पीरियड में हर गतिविधि पर नजर
प्रचार समाप्त होने के बाद चुनावी मैदान में सबसे बड़ा मुद्दा अब आचार संहिता के पालन का है। प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों के साथ समर्थकों को भी ऐसी किसी गतिविधि से बचना होगा, जिससे मतदाताओं को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करने का आरोप लगे।
विशेष रूप से सोशल मीडिया भी आज महत्वपूर्ण भूमिका में है। पुराने प्रचार वीडियो, पोस्ट, अपील अथवा प्रत्याशी के पक्ष में मत मांगने वाली सामग्री को लेकर भी सावधानी बरतनी होगी। चुनावी माहौल में कोई शिकायत सामने आती है तो प्रशासन और निर्वाचन तंत्र उसकी जांच कर सकता है।
अब भाषण नहीं, मतपेटी बोलेगी
जहाजपुर में पिछले कई दिनों से चल रही राजनीतिक बयानबाजी और चुनावी दावों के बीच अब तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। प्रत्याशियों के दावे अपनी जगह हैं, लेकिन अंतिम फैसला मतदाता के हाथ में है। किसके पक्ष में माहौल बना और किसके दावे जमीन पर कितने मजबूत रहे, इसका असली जवाब मतदान के बाद ही सामने आएगा।
कल सुबह मतदान केंद्रों पर पहुंचने वाले मतदाता केवल अपने वार्ड के प्रत्याशी का चयन नहीं करेंगे, बल्कि आने वाले नगर पालिका बोर्ड की दिशा भी तय करेंगे। यही कारण है कि चुनावी मुकाबले में एक-एक वोट की अहमियत बढ़ गई है।
जहाजपुर में अब चुनावी शोर नहीं होगा—कल मतदाता की उंगली पर लगी स्याही ही बताएगी कि जनता ने किसे अपना प्रतिनिधि चुना।