समाज, संत और संघ साथ चले तो समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगी शिक्षा

श्रीराम महाराज (अघोरी बाबा) का शिक्षा अभियान : घुमंतू परिवारों के बच्चों को बांटे कपड़े-पढ़ाई के लिए किया प्रेरित

शिवराज बारवाल मीना
टोंक । स्मार्ट हलचल|समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर उसके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प केवल भाषणों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि सेवा के रूप में जमीन पर दिखाई देना चाहिए। इसी सोच के साथ टोंक जिले में निवाई उपखंड के गांव कांटोली स्थित महाभारत कालीन मां भद्रकाली मंदिर के पीठाधीश्वर श्रीश्री 1008 श्रीराम महाराज (अघोरी बाबा) लगातार जनसरोकार से जुड़े पुण्य के कार्यों को आगे बढ़ा रहे हैं। शिक्षा, नशामुक्ति, बेटियों के विवाह और जरूरतमंदों की सहायता जैसे कार्यों के बाद अब उन्होंने घुमंतू परिवारों के बीच जाकर बच्चों को शिक्षा से जोड़ने की पहल की है।
टोंक में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम के बाद श्रीराम महाराज (अघोरी बाबा) के साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के टोंक जिला प्रचारक भरत जी और संघ से जुड़े कार्यकर्ता घुमंतू परिवारों के बीच पहुंचे। यहां बच्चों से संवाद कर उन्हें शिक्षा के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देकर जागरूक किया गया। घुमंतू परिवारों के गरीब बच्चों को कपड़े वितरित किए गए और उन्हें नियमित रूप से स्कूल जाने तथा पढ़-लिखकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान घुमंतू परिवारों को भी बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता देने का संदेश दिया गया। श्रीराम महाराज (अघोरी बाबा) का संघ से जुड़ाव भी सेवा और सामाजिक सरोकार की इसी सोच से दिखाई देता है। संत और संघ के कार्यकर्ताओं का एक साथ जरूरतमंद परिवारों के बीच पहुंचना सामाजिक समरसता और सेवा की भावना का संदेश देता है। संघ के कार्यकर्ताओं ने भी बच्चों और गरीब परिवारों के साथ संवाद कर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास को लेकर सहभागिता की।
*बेटियों की शादी में करोड़ों का सहयोग*
श्रीराम महाराज (अघोरी बाबा) का जनसरोकार केवल शिक्षा अभियान तक सीमित नहीं है। वे इससे पहले भी सैकड़ों सामाजिक कार्य कर चुके हैं। सैकड़ों सर्व समाज की गरीब बेटियों के विवाह में करोड़ों रुपए का सहयोग कर निस्वार्थ भाव से उनके सेवा कार्यों की व्यापकता को दर्शाते हैं। जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के विवाह में सहयोग के साथ-साथ वे समाज में नशामुक्ति को लेकर भी लगातार अभियान चलाते आ रहे हैं। बताया गया कि श्रीराम महाराज (अघोरी बाबा) के प्रयासों से करीब सात लाख लोगों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई जा चुकी है। इसके अलावा जन्मदिन जैसे अवसरों पर जरूरतमंदों को कपड़े उपलब्ध कराने, दीन-दुखियों की सेवा करने, स्कूलों में सहयोग करने और कोरोना काल जैसी महामारी में जरूरतमंद परिवारों की सहायता करने सहित अनेक जनसरोकार के कार्य उनके माध्यम से किए गए हैं।
*सेवा को बनाया समाज सुधार व उत्थान का माध्यम*
श्रीराम महाराज (अघोरी बाबा) का मानना है कि समाज सुधार और कुरीतियों को खत्म कर सामाजिक बदलाव लाने के लिए केवल उपदेश पर्याप्त नहीं हैं। जरूरतमंद परिवारों और व्यक्तियों तक पहुंचकर उनके साथ खड़ा होना तथा बच्चों को शिक्षा से जोड़ना ही वास्तविक सेवा है। यही कारण है कि धार्मिक गतिविधियों के साथ सामाजिक सरोकार को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
कांटोली से शुरू हुई सामाजिक सरोकार, समाज में सकारात्मक सुधार और शिक्षा को लेकर यह पहल घुमंतू परिवारों के बच्चों के लिए उम्मीद की नई किरण बन सकती है। यदि समाज के सक्षम लोग, संत और सामाजिक संगठन मिलकर ऐसे बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी उठाएं तो आर्थिक परिस्थितियों के कारण पढ़ाई से दूर रहने वाले बच्चों का भविष्य बदला जा सकता है। संत और संघ का यह संयुक्त प्रयास यही संदेश देता है कि समाज की तरक्की तभी संभव है, जब विकास की रोशनी जरूरतमंद अंतिम व्यक्ति और अंतिम बच्चे तक पहुंचे। तभी गरीब और समाज की सच्ची सेवा मानी जाएगी।