पत्रकार शीतल निर्भीक के भांजे अरुण कुमार के असामयिक निधन से पत्रकारो में शोक

 

दिवंगत अरुण कुमार ननिहाल से जुड़ी थीं दो दशक की यादें

(नीरज पाण्डेय)
बलिया। स्मार्ट हलचल|वरिष्ठ पत्रकार शीतल निर्भीक के प्रिय भांजे अरुण कुमार के असामयिक निधन की खबर से पत्रकारिता जगत में शोक की लहर दौड़ गई। सोमवार की शाम बीएचयू, वाराणसी अस्पताल में अरुण कुमार के निधन की दु:खद खबर मिलते ही परिजनों, रिश्तेदारों, शुभचिंतकों और पत्रकारों में गहरा दुःख व्याप्त हो गया। युवा लोकप्रिय अरुण के अचानक चले जाने की खबर ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया।
अरुण कुमार का ननिहाल बलिया जिले के बिल्थरारोड में रहा, जहां उनका रिश्ता केवल पारिवारिक संबंधों तक सीमित नहीं था, बल्कि करीब दो दशकों तक उन्होंने ननिहाल में रहकर अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय बिताया। बिल्थरारोड की मिट्टी, वहां के लोगों और ननिहाल से जुड़ी उनकी यादें परिवार के लिए हमेशा भावुक कर देने वाली रहेंगी।
अरुण कुमार, अखबारी दुनिया के जननायक रहे स्वर्गीय बाबुराम गुप्ता के नाती तथा प्रभावती देवी के नाती थे। उनके ननिहाल में लंबे समय तक रहने के कारण स्थानीय लोगों और परिचितों से भी उनका गहरा आत्मीय जुड़ाव रहा। यही वजह है कि उनके निधन की खबर ने बिल्थरारोड क्षेत्र में भी अनेक लोगों को भीतर तक झकझोर दिया।
अरुण के निधन पर पत्रकारों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि एक परिवार ने अपना प्रिय सदस्य खोया है, वहीं पत्रकारिता जगत ने अपने साथी पत्रकार के परिवार से जुड़े एक प्रिय युवा को खो दिया है। पत्रकारों ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने तथा शोकाकुल परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
परिजनों के लिए सबसे पीड़ादायक यह है कि जिस अरुण कुमार के साथ जीवन की अनगिनत स्मृतियां जुड़ी थीं, वह अचानक हमेशा के लिए दूर हो गए। उनकी तस्वीर अब सामने है, यादें साथ हैं, लेकिन अरुण स्वयं नहीं हैं—यही सच परिवार और उनके करीबियों के लिए सबसे अधिक पीड़ा देने वाला है।
पत्रकार शीतल निर्भीक ने अरुण के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि इस असहनीय क्षति को शब्दों में बयां करना संभव नहीं है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने और परिवार को यह वज्रपात सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
अरुण कुमार की स्मृतियां परिवार, रिश्तेदारों, ननिहाल और उनसे जुड़े लोगों के दिलों में हमेशा जीवित रहेंगी। उनके असामयिक निधन से उपजा यह खालीपन शायद कभी नहीं भर पाएगा।