बेटी कनुप्रिया की याद को शिक्षा और समाजसेवा से जोड़ने की पिता ने की समाज के लिए अनुकरणीय पहल, बनेगा स्व. कनुप्रिया स्मृति छात्रावास
कनु मरणोपरांत भी बालकों की स्मृति में बनी रहेगी।
भरत देवड़वाल
टोंक /स्मार्ट हलचल|। दिवंगत पुत्री स्व. कनुप्रिया की स्मृति को चिरस्थायी बनाने और मीणा समाज के जरूरतमंद एवं प्रतिभावान विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक एवं आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से टोंक जिले के अहमदपुरा चौकी, पोस्ट हरचंदेड़ा निवासी एक पिता ने डाईट में उप प्राचार्य के पद पर कार्यरत कन्हैया लाल मीणा ने सराहनीय पहल की है। उन्होंने मीणा समाज, उनियारा को छात्रावास निर्माण के लिए 500 वर्ग गज भूमि दान करने की सहमति प्रदान की है। खसरा संख्या 3725/73 में से दान की जाने वाली भूमि को लेकर दानदाता श्री कन्हैया लाल मीणा एवं मीणा दान एवं छात्रावास निर्माण के संबंध में समझौता पत्र तैयार किया गया है। समझौते के अनुसार प्रस्तावित छात्रावास का नाम ‘स्व. कनुप्रिया स्मृति छात्रावास’ रखा जाएगा। समाज, उनियारा के मध्य भूखंड
बेटी की स्मृति को शिक्षा से जोड़ने की अनूठी पहल
प्रस्तावित छात्रावास में जरूरतमंद एवं प्रतिभावान विद्यार्थियों को रहने और अध्ययन की सुविधा उपलब्ध कराने का उद्देश्य रखा गया है। छात्रावास भवन पर स्व. कनुप्रिया की स्मृति में स्मृति पट्टिका भी लगाई जाएगी, ताकि उनकी याद समाज और आने वाली पीढ़ियों के बीच सदैव जीवित रहे। दानदाता श्री कन्हैया लाल मीणा ने कहा कि पुत्री की स्मृति को केवल व्यक्तिगत यादों तक सीमित रखने के
बजाय उसे शिक्षा और समाजसेवा से जोड़ना उनकी भावना है। विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण और आवासीय सुविधा उपलब्ध कराना स्व. कनुप्रिया के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
कानूनी प्रक्रिया के बाद होगा भूमि का हस्तांतरण
समझौते के तहत भूमि के वास्तविक एवं वैधानिक हस्तांतरण के लिए पंजीकृत दान विलेख, स्टाम्प, पंजीयन एवं आवश्यक राजस्व नामांतरण की प्रक्रिया राजस्थान के लागू कानूनों के अनुसार पूरी की जाएगी। मीणा समाज, उनियारा ने भूमि का उपयोग निर्धारित सामाजिक एवं शैक्षणिक उद्देश्य के अनुरूप करने तथा छात्रावास के निर्माण, संचालन और रखरखाव की व्यवस्था करने पर सहमति व्यक्त की है। दिवंगत पुत्री की स्मृति में भूमि दान कर उसे विद्यार्थियों की शिक्षा और समाजसेवा के लिए समर्पित करने की यह पहल मानवीय संवेदना, त्याग और सामाजिक सरोकार का प्रेरणादायी उदाहरण मानी जा रही है।
गरीब छात्रों की मदद के लिए तैयार रहते हैं मीणा।
उल्लेखनीय है कि व्याख्याता केएल मीना ने इससे पहले भी सामाजिक सरोकारों सेवा भाव के कार्यों में
दूर दराज एवं गांव से आए हुए गरीब छात्रों की मदद के लिए केएल मीणा अपने स्तर पर ही उनकी आर्थिक मदद करते हैं। छात्रों के लिए मीणा के सानिध्य में संस्थान में ही निजी खर्चे से वतानुकूलित लाइब्रेरी का संचालन किया जा रहा है।
प्रतियोगी परीक्षाएं देने वाले छात्रों की करते है निःशुल्क सेवा।
केएल मीणा द्वारा प्रतियोगी परीक्षा देने आने वाले सभी वर्गो के छात्र छात्राओं के लिए रहने व खाने की सेवा बस स्टेंड टोंक पर निःशुल्क करते हैं। तथा किसी भी राजकीय सेवा में चयन होने पर छात्रों को अपने स्तर पर सम्मानित करते है।
संस्थान में रक्तदान शिविर का भी होता है आयोजन
मीना के सानिध्य में संस्थान में भगतसिंह रक्तदाता ग्रुप व जगदम्बा रक्तदाता ग्रुप का संचालन किया जा रहा है। जिनके द्वारा प्रति वर्ष सत्र में कई बार निःशुल्क रक्तदान शिविरों का भी आयोजन किया जाता है जो मानवसेवा का सबसे बडा कार्य है। रक्तदान से हजारों लोगों को जीवनदान मिलता है। वह रक्तदान शिविरों का आयोजन करके जनसेवा के कार्य में भागेदारी निभा रहे है।
सामाजिक सरोकारो मे भी है मीणा सबसे आगे ।
जिला प्रशिक्षण संस्थान मे कार्यरत के एल मीणा सामाजिक सरोकारो मे भी सबसे आगे रहते है चाहे वह निर्धन बच्चो की फीस भरना रक्तदान करना प्रतियोगी परीक्षार्थियो के लिए रहने खाने की व्यवस्था करना कोरोना मे किरायो दारो से कई महीनो का किराया ना लेना कोरोना पीडितो मरीजो को फल बांटना सर्दी मे बेघरो के रहने की व्यवस्था करना एक नही ऐसे सैकडो कामो से मीणा परोपकारी कामो मे आगे रहते है । बेटी की स्मृति में छात्रावास के लिए भूमि देना मीना की सराहनीय पहल है। मीना के सानिध्य में सैकडों विधार्थियो का राजकीय सेवा में चयन हो चुका है। इसके लिए मीना को द्रोणाचार्य पुरस्कार व डाईट रत्न जैसै पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।