थलखुर्द जाल का खेड़ा संपर्क सड़क पर झाड़ियां बनीं मुसीबत
50 से अधिक स्कूली विद्यार्थियों की सुरक्षा पर मंडरा रहा खतरा, ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सफाई की उठाई मांग
मांडलगढ़।स्मार्ट हलचल|मांडलगढ़ पंचायत समिति क्षेत्र की ग्राम पंचायत थलकलां के राजस्व गांव थलखुर्द से जाल का खेड़ा जाने वाली एकमात्र प्रमुख संपर्क सड़क इन दिनों बिलायती बबूल, गाजर घास और अन्य खरपतवार की घनी झाड़ियों से अटी पड़ी है। सड़क के दोनों ओर झाड़ियां फैल जाने से मार्ग कई स्थानों पर संकरा हो गया है, जिससे ग्रामीणों और राहगीरों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे गंभीर स्थिति जाल का खेड़ा से प्रतिदिन राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय थलखुर्द आने वाले 50 से अधिक छात्र छात्राओं को लेकर बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि छोटे विद्यार्थी इसी मार्ग से पैदल ही विद्यालय पहुंचते हैं। सड़क किनारे घनी झाड़ियों के कारण उन्हें रास्ते से निकलने में परेशानी होती है और बरसात के मौसम में झाड़ियों के बीच जहरीले जीव जंतुओं के छिपे होने की आशंका भी बनी रहती है। बरसात के बाद गाजर घास, बिलायती बबूल और अन्य खरपतवार तेजी से बढ़ने से समस्या और गंभीर हो गई है। कई जगह झाड़ियां सड़क की ओर फैल आई हैं। इससे पैदल चलने वाले विद्यार्थियों और राहगीरों को किनारे से निकलना पड़ता है। दोपहिया वाहन चालकों को भी सामने से वाहन आने पर सावधानी बरतनी पड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते झाड़ियों की कटाई और सफाई नहीं कराई गई तो आने वाले दिनों में मार्ग पर आवागमन और अधिक मुश्किल हो सकता है। सामाजिक कार्यकर्ता नन्दलाल गुर्जर ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि थलखुर्द जाल का खेड़ा मार्ग केवल ग्रामीणों के आवागमन का रास्ता नहीं, बल्कि प्रतिदिन विद्यालय आने जाने वाले विद्यार्थियों के लिए भी महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इसलिए इसकी साफ सफाई को सामान्य समस्या मानकर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने संबंधित विभाग से मांग की कि मौके पर अधिकारियों को भेजकर सड़क की स्थिति का निरीक्षण कराया जाए तथा जेसीबी मशीन एवं आवश्यक संसाधनों के माध्यम से सड़क के दोनों ओर उगी बिलायती बबूल, गाजर घास और अन्य झाड़ियों को पूरी तरह हटाया जाए। साथ ही सड़क की पटरी को भी साफ कराया जाए, ताकि मार्ग पर्याप्त चौड़ा और सुरक्षित हो सके। नन्दलाल गुर्जर ने कहा कि बरसात के मौसम में झाड़ियों के बीच जहरीले जीव जंतुओं के छिपे होने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सफाई कार्य में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से सफाई के बाद मार्ग की नियमित निगरानी और समय समय पर झाड़ियों की कटाई की स्थायी व्यवस्था करने की भी मांग की। थलखुर्द और जाल का खेड़ा के बीच यही प्रमुख संपर्क मार्ग है, इसलिए इसकी बदहाल स्थिति का सीधा असर दोनों गांवों के लोगों पर पड़ रहा है। प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की उम्मीद जताते हुए मांग की है कि सड़क को साफ, सुरक्षित और सुगम बनाया जाए, ताकि विद्यार्थियों का विद्यालय आवागमन सुरक्षित हो और ग्रामीणों को भी निर्बाध आवागमन की सुविधा मिल सके।