साइबर अपराध पर राजस्थान पुलिस का सख्त प्रहार: समीक्षा बैठक में डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने दिए बड़े निर्देश

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° ​अक्टूबर माह में चलेगा साइबर अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान; म्यूल अकाउंट्स और फर्जी सिम पर कसेगा शिकंजा
​° साइबर ठगों के नेटवर्क को ध्वस्त करने में जुटी राज्य पुलिस; सभी जिलों में डीएसपी स्तर के अधिकारी तैनात

जयपुर 12 सितम्बर।स्मार्ट हलचल|महानिदेशक पुलिस राजस्थान श्री राजीव कुमार शर्मा ने शनिवार को कांफ्रेंस हॉल में जयपुर कमिश्नरेट एवं जयपुर ग्रामीण जिले की साइबर अपराध समीक्षा बैठक लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए। बैठक में साइबर अपराध को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इसकी रोकथाम, त्वरित अनुसंधान और साइबर अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में जयपुर कमिश्नरेट के सभी पुलिस उपायुक्तों, डीसीपी क्राइम, साइबर क्राइम से जुड़े पुलिस अधिकारियों एवं थानाधिकारियों सहित जयपुर रेंज आईजी राहुल प्रकाश, जयपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक तथा वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्र में साइबर अपराध की स्थिति, लंबित प्रकरणों और साइबर अपराध नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।
डीजीपी श्री राजीव कुमार शर्मा ने साइबर अपराध की बढ़ती चुनौती को देखते हुए साइबर क्राइम से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई, तकनीकी संसाधनों के प्रभावी उपयोग, अपराधियों के नेटवर्क तक पहुंचने और आमजन को साइबर ठगी से बचाने के लिए जागरूकता गतिविधियों को और मजबूत करने के निर्देश दिए।
डीजीपी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि साइबर अपराध के मामलों में पुलिस की प्रतिक्रिया जितनी तेज होगी, पीड़ित की राशि वापस दिलाने और अपराधियों तक पहुंचने की संभावना उतनी ही अधिक होगी। इसलिए शिकायत मिलते ही तकनीकी एवं वित्तीय ट्रेल का तत्काल विश्लेषण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही साइबर अपराध के नए तरीकों पर लगातार नजर रखते हुए पुलिसकर्मियों को अपडेट रखने पर भी जोर दिया गया।
*हर जिले में डीएसपी स्तर के अधिकारी संभाल रहे कमान*
बैठक के दौरान जानकारी दी गई कि साइबर अपराधों की जांच में तेजी लाने और उन पर सख्त नियंत्रण के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के सभी जिलों में पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों को विशेष रूप से तैनात किया गया है।
*सितंबर माह साइबर सुरक्षा माह के रूप में आयोजित*
सितंबर माह को साइबर सुरक्षा माह के रूप में मनाए जाने के क्रम में सामने आ रहे प्रमुख साइबर अपराधों पर गहन मंथन किया गया। बैठक में विशेष रूप से म्यूल अकाउंट्स, एटीएम से अवैध निकासी, संदिग्ध बैंक शाखाओं की भूमिका, फर्जी सिम तथा क्रिप्टोकरेंसी फ्रॉड जैसे गंभीर मामलों पर विस्तृत चर्चा की गई और ठोस कार्ययोजना तैयार की गई।
*अक्टूबर माह में चलेगा साइबर अपराध पर विशेष अभियान*
डीजीपी श्री राजीव कुमार शर्मा ने साइबर अपराध पर नियंत्रण को पुलिस प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए अक्टूबर माह में पूरे प्रदेश में विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है। इस अभियान के मुख्य बिंदु निम्नलिखित रहेंगे:
° साइबर अपराधियों को चिह्नित कर उनके विरुद्ध कड़े कानूनी कदम उठाए जाएंगे और मामलों का शीघ्र निस्तारण होगा।
° वित्तीय अनियमितताओं और संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त बैंकिंग ब्रांचों पर पुलिस की पैनी निगरानी रहेगी।
° फर्जी सिम जारी करने वाले Point of Sale (PoS) एजेंटों और विक्रेताओं के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जाएगा।
° साइबर ठगी की अवैध राशि को एक खाते से दूसरे खाते में घुमाने के लिए इस्तेमाल होने वाले म्यूल अकाउंट्स पर प्रभावी अंकुश लगाया जाएगा।
*बैठक में ये पुलिस अधिकारी रहे मौजूद*
इस महत्वपूर्ण बैठक में पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था श्री संजय अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था श्री वी.के. सिंह, पुलिस आयुक्त जयपुर श्री सचिन मित्तल, महानिरीक्षक पुलिस (जयपुर रेंज) श्री राहुल प्रकाश, उप महानिरीक्षक (साइबर क्राइम) श्री शांतनु कुमार तथा उप महानिरीक्षक (कार्मिक एवं स्टाफ ऑफिसर) श्री कुंवर राष्ट्रदीप उपस्थित थे। इनके साथ ही जयपुर आयुक्तालय के सभी पुलिस उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक जयपुर ग्रामीण, पुलिस अधीक्षक आर4सी एवं अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया।
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