कोटा विश्वविद्यालय ने सफलतापूर्वक संपन्न कराई राज्य पात्रता परीक्षा (SET)-2026, 1.38 लाख से अधिक अभ्यर्थी हुए शामिल

कुलगुरू ने खुद संभाली कमान, लाइव सेंटर से 429 परीक्षा केंद्रों पर रखी नजर

429 केंद्र कैमरे की नजर में, सील पैकेट से सील ओएमआर तक रही कड़ी निगरानी — कुलगुरू प्रो.बी पी सारस्वत

पेपर सील तो परीक्षा सील… SET-2026 में नहीं चली नकल की कोई चाल,कोटा विश्वविद्यालय का हाईटेक परीक्षा मॉडल

सील में आया पेपर, सील में गई ओएमआर… SET-2026 में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

 

सील पैकेट से ओएमआर की सीलिंग तक… SET-2026 में पारदर्शिता की नई मिसाल

कोटा। स्मार्ट हलचल|राजस्थान में सहायक आचार्य पद के लिए पात्रता निर्धारित करने वाली रविवार को आयोजित राज्य पात्रता परीक्षा (SET)-2026 में इस बार परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर नई व्यवस्था देखने को मिली। प्रश्न-पत्र के सील पैकेट से परीक्षा शुरू होने और परीक्षा समाप्त होने के बाद ओएमआर शीट को पुनः सील बंद पैकेट में सुरक्षित किए जाने तक पूरी प्रक्रिया को तकनीक और कड़ी निगरानी के दायरे में रखा गया। यही वजह रही कि प्रदेशभर में आयोजित परीक्षा के दौरान नकल, अनुचित साधन अथवा प्रश्न-पत्र से जुड़ी किसी शिकायत का मामला सामने नहीं आया।
कुलगुरू प्रो.बी.पी.सारस्वत ने बताया कि कोटा विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित SET-2026 प्रदेश के सात संभाग मुख्यालयों के 429 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित हुई। परीक्षा के लिए 1,77,901 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 1,38,618 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। इस तरह लगभग 78 प्रतिशत उपस्थिति रही। 37 विषयों की परीक्षा एक ही पारी में सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक आयोजित की गई।

मई से शुरू हुई थी परीक्षा की तैयारी
कोटा विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो. बी.पी. सारस्वत ने बताया कि SET-2026 की तैयारियां मई 2026 से ही शुरू कर दी गई थीं। प्रश्न-पत्र तैयार करने, मॉडरेशन और परीक्षा की गोपनीयता को लेकर बहुस्तरीय व्यवस्था बनाई गई। परीक्षा के लिए 38 प्रश्न-पत्र तैयार किए गए और प्रत्येक प्रश्न-पत्र तैयार करने की प्रक्रिया में 4 से 5 विशेषज्ञों को शामिल किया गया। परीक्षा की तकनीकी व्यवस्था और सुरक्षा के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गईं।

सील पैकेट खुला तो प्रक्रिया कैमरे और निगरानी में
परीक्षा की सबसे महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं में प्रश्न-पत्रों की सुरक्षित आपूर्ति और वितरण शामिल रहा। एजेंसी से प्राप्त प्रश्न-पत्र सील पैकेट में परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाए गए। केंद्र पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही सील खोली गई और प्रश्न-पत्र अभ्यर्थियों तक पहुंचाए गए। परीक्षा समाप्त होने के बाद विद्यार्थियों की ओएमआर शीट भी सील बंद पैकेट में जमा कराई गई। इस व्यवस्था से परीक्षा सामग्री के साथ अनधिकृत हस्तक्षेप अथवा छेड़छाड़ की आशंका को समाप्त करने का प्रयास किया गया।

429 परीक्षा केंद्र लाइव मॉनिटरिंग

SET-2026 में तकनीक को निगरानी का मजबूत आधार बनाया गया। प्रदेश के परीक्षा केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक एवं अन्य जांच व्यवस्थाओं के लिए 1800 से अधिक कार्मिकों को तैनात किया गया। वहीं कोटा विश्वविद्यालय परिसर में विशेष लाइव मॉनिटरिंग सेंटर स्थापित किया गया, जहां से प्रदेश के सभी 429 परीक्षा केंद्रों की गतिविधियों पर लाइव नजर रखी गई।

कुलगुरू ने खुद संभाली निगरानी की कमान

कुलगुरू प्रो. बी.पी. सारस्वत ने लाइव मॉनिटरिंग सेंटर से परीक्षा केंद्रों की व्यवस्थाओं पर नजर रखने के साथ कोटा के दो परीक्षा केंद्रों का स्वयं निरीक्षण भी किया। उन्होंने परीक्षा व्यवस्थाओं, अभ्यर्थियों की उपस्थिति और सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लिया। जिला प्रशासन एवं विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से गठित उड़न दस्तों ने भी विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया।

डमी अभ्यर्थी और पेपर लीक पर कसा शिकंजा

समन्वयक सेट —2026 प्रो.धनश्याम शर्मा ने बताया कि परीक्षा के लिए किए गए व्यापक सुरक्षा प्रबंधों के कारण डमी अभ्यर्थी के परीक्षा में बैठने, प्रश्न-पत्र लीक होने और परीक्षा सामग्री से छेड़छाड़ की किसी भी संभावना को रोकने के लिए बहुस्तरीय व्यवस्था की गई थी। परीक्षा के दौरान नकल अथवा अनुचित साधनों के इस्तेमाल का कोई प्रकरण सामने नहीं आया। प्रश्न-पत्रों के संबंध में भी कोई परिवेदना प्राप्त नहीं हुई।

दो केंद्रों पर तकनीकी कारणों से परीक्षा स्थगित
प्रो.धनश्याम शर्मा ने बताया कि जयपुर संभाग के दो परीक्षा केंद्रों पर प्रश्न-पत्र एवं परीक्षा सामग्री पहुंचने में तकनीकी कारणों से विलंब हुआ। विश्वविद्यालय को जानकारी मिलने के बाद अभ्यर्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए बंसल इंटरनेशनल स्कूल, चौमू, जयपुर और पिंकसिटी एकेडमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, खोराबीसल, जयपुर की परीक्षा स्थगित करने का निर्णय लिया गया। इन केंद्रों पर पंजीकृत अभ्यर्थियों के लिए पुनः परीक्षा की तिथि और केंद्र की सूचना विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर शीघ्र जारी की जाएगी।

प्रशासन और विश्वविद्यालय की संयुक्त निगरानी
परीक्षा की व्यवस्थाओं की निगरानी में कोटा विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो. बी.पी. सारस्वत के साथ राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो. निमित चौधरी, कृषि विश्वविद्यालय की कुलगुरू प्रो. विमला डूंकवाल, कुलसचिव मुरलीधर प्रतिहार सहित जिला एवं विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारी सक्रिय रहे।
SET-2026 में अपनाई गई व्यवस्थाओं ने परीक्षा संचालन को केवल प्रश्न-पत्र और ओएमआर तक सीमित न रखते हुए पूरी प्रक्रिया को तकनीक, सुरक्षा और निगरानी के एकीकृत मॉडल में बदल दिया। सील पैकेट में प्रश्न-पत्रों की आपूर्ति से लेकर लाइव मॉनिटरिंग और परीक्षा के बाद ओएमआर की सुरक्षित पैकिंग तक की व्यवस्था ने परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता को मजबूत आधार दिया।