कलेक्टर के निर्देश के बावजूद नहीं हटा पूरा अतिक्रमण, निगम अधिकारियों पर लापरवाही के आरोप

भीलवाड़ा, 09 मार्च। स्मार्ट हलचल|शहर में वर्षों से फैले अतिक्रमण को हटाने के लिए पिछले एक महीने से जिला कलेक्टर एवं नगर निगम प्रशासक जसमीत सिंह संधू के निर्देश पर व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत सड़कों और नालियों पर किए गए पुराने अतिक्रमण हटाए जा रहे हैं।
कलेक्टर के इस अभियान को शहरवासियों और व्यापारियों का समर्थन भी मिल रहा है। कई व्यापारी स्वेच्छा से अपनी दुकानों व प्रतिष्ठानों के बाहर किए गए कच्चे-पक्के अतिक्रमण स्वयं हटा रहे हैं।
हालांकि, नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। शहरवासियों का आरोप है कि कुछ अधिकारी अतिक्रमण हटाने के नाम पर व्यापारियों से अवैध वसूली कर रहे हैं। जिन व्यापारियों ने कथित रूप से सुविधा शुल्क दिया, उनके अतिक्रमण नहीं हटाए गए।
इसी तरह का मामला सांगानेरी गेट स्थित दूधाधारी मंदिर के सामने सामने आया है। यहां उपासरा यति श्री केसरी चंद सम्पत्ति ट्रस्ट, शांतिनाथ जैन मंदिर, कसारा बाजार की भूमि के पास से गुजर रहे बरसाती नाले पर कई लोगों ने पट्टियां ढक कर अवैध रूप से केबिनें रख दी हैं।
इस संबंध में जैन समाज के प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर संधू से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में ट्रस्ट अध्यक्ष नेम कुमार संघवी, मंत्री पारसमल कोठारी, संरक्षक दलपत सिंह डांगी, उपाध्यक्ष आनंद पीपाड़ा, भाजपा नेता विजय पोखरना तथा सुवाणा जैन समाज के उपाध्यक्ष प्रकाश चपलोत जैन शामिल थे।
कलेक्टर संधू ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर निगम भीलवाड़ा आयुक्त हेमाराम चौधरी को फोन पर ही तत्काल अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। इसके बाद अतिक्रमण हटाओ दस्ते के प्रभारी संजय खोखर टीम के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन नाले पर रखी दर्जनों केबिनों में से केवल नाममात्र की केबिनें हटाकर पूरी कार्रवाई होने की रिपोर्ट दे दी गई।
मौके पर अब भी नाले पर कई केबिने और दुकानें लगी हुई हैं।
इस संबंध में आयुक्त हेमाराम चौधरी ने कहा कि यदि अतिक्रमण पूरी तरह नहीं हटाया गया है तो यह गलत है। प्रभारी संजय खोखर ने उन्हें पूर्ण कार्रवाई की जानकारी दी थी। उन्होंने मामले की जांच करवाने की बात कही है।