कार्यकर्ताओं ने सौंपा ज्ञापन, विधायक किलक के कार्यकाल के घोटालों की जांच की मांग की —
डेगाना।स्मार्ट हलचल|विधानसभा क्षेत्र डेगाना में भारतीय जनता पार्टी के भीतर मचे घमासान ने अब बड़ा रूप ले लिया है। विधायक अजय सिंह किलक द्वारा विधानसभा सत्र में पूर्व विधायक विजयपाल मिर्धा पर ‘दरी घोटाले’ के आरोप लगाने के बाद कार्यकर्ताओं और समर्थकों का गुस्सा फूट पड़ा है। सोमवार को बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन सौंपकर विधायक किलक के खिलाफ मोर्चा खोला और आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया।
द्वेषपूर्ण राजनीति का आरोप
ज्ञापन में स्पष्ट कहा गया कि विधायक अजय सिंह किलक अपनी ही पार्टी के पूर्व विधायक विजयपाल मिर्धा के खिलाफ द्वेषतापूर्ण भावना रख रहे हैं। कार्यकर्ताओं ने कहा कि मिर्धा के कार्यकाल में हुए विकास कार्य जगजाहिर हैं, लेकिन विधायक किलक बिना किसी तथ्य और आधार के उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे पार्टी परिवार की साख को आम जनमानस में ठेस पहुंची है।
विधायक के स्वयं के कार्यकाल की जांच की मांग
पलटवार करते हुए समर्थकों ने मांग की है कि वर्तमान विधायक अजय सिंह किलक के कार्यकाल के दौरान हुए बेनामी संपत्ति प्रकरण, समर्थन मूल्य पर मूंग खरीद घोटाला और पोषाहार घोटाले की निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष कमेटी बिठाई जाए। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि विधायक स्वयं भ्रष्टाचार के गंभीर मामलों में घिरे रहे हैं और अब ध्यान भटकाने के लिए झूठी बयानबाजी कर रहे हैं।
अनुशासनात्मक कार्रवाई और माफी पर अड़े समर्थक
सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि:
अजय सिंह किलक अपने बयानों के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।
पार्टी नेतृत्व उनके विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई करे।
इस पूरे षड्यंत्र के पीछे छिपे चेहरों को बेनकाब करने के लिए उच्च स्तरीय जांच हो।
