पुष्कर में भाजपा की 25 में 19 सीटों पर कमल का कब्जा, लगातार तीसरी बार बनेगा भाजपा का बोर्ड
*वार्ड 11 से निर्दलीय प्रियंका पाराशर पत्नी रवि बाबा ओर वार्ड 13 से निर्दलीय हिमांशु कुमावत की शानदार जीत*
विष्णु सेन और मुकेश कुमावत ने लगाई जीत शानदार
सबसे कम वोटो से वार्ड 20 की भाजपा उम्मीदवार नीलम जादम 2 वोटो से जीती
*सबसे ज्यादा वोटो से वार्ड 22 के भाजपा उम्मीदवार मुकेश कुमावत 504 वोटो से जीते*
*शिवस्वरूप महर्षि ओर जयनारायण दगदी नहीं बचा पाये अपनी प्रतिष्ठा*
(हरिप्रसाद शर्मा)
पुष्कर/ अजमेर/स्मार्ट हलचल |पुष्कर नगर परिषद के निकाय चुनाव 2026 के नतीजों ने शहर की सियासत में एक बार फिर कमल की ताकत साबित कर दी है। 25 वार्डों वाली नगर परिषद में भाजपा ने ऐसा सियासी प्रदर्शन किया है, जिसने बोर्ड की तस्वीर पूरी तरह साफ कर दी है। 25 में से 19 वार्डों पर भाजपा ने जीत दर्ज कर स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है।
इस शानदार जीत के साथ ही पुष्कर में भाजपा ने नगर परिषद की सत्ता पर लगातार तीसरी बार कब्जा जमाने की राह साफ कर ली है। यानी पुष्कर की स्थानीय राजनीति में भाजपा ने लगातार तीसरी बार अपना बोर्ड बनाने की पूरी कर ली है।
भाजपा की इस जीत ने सिर्फ बोर्ड का गणित नहीं बदला, बल्कि पुष्कर की स्थानीय राजनीति में पार्टी के प्रभाव और संगठनात्मक पकड़ को भी मजबूती से सामने ला दिया है।
*19 सीटों के साथ भाजपा का दबदबा*
चुनावी नतीजों में भाजपा ने 19 वार्ड अपने नाम किए हैं। वहीं कांग्रेस के खाते में सिर्फ 4 सीटें आई हैं, जबकि 2 वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है।
25 सदस्यीय नगर परिषद में भाजपा का आंकड़ा इतना मजबूत है कि बोर्ड गठन को लेकर अब तस्वीर लगभग पूरी तरह स्पष्ट है। भाजपा ने बहुमत के आंकड़े को काफी पीछे छोड़ते हुए नगर परिषद की सत्ता पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है।
चुनाव परिणामों का सबसे बड़ा संदेश यही है कि पुष्कर की स्थानीय राजनीति में भाजपा का प्रभाव बरकरार है और पार्टी लगातार तीसरी बार नगर परिषद की सत्ता में वापसी करने जा रही है।
*कांग्रेस को बड़ा सियासी झटका*
भाजपा की 19 सीटों की आंधी के सामने कांग्रेस सिर्फ चार वार्डों तक सिमट गई। चुनाव परिणाम कांग्रेस के लिए निश्चित तौर पर बड़ा राजनीतिक झटका माने जा रहे हैं।
जहां भाजपा खेमे में जीत का जश्न है, वहीं कांग्रेस के सामने अब अपने स्थानीय संगठन, चुनावी रणनीति और कमजोर प्रदर्शन की समीक्षा की चुनौती खड़ी हो गई है।
भाजपा और कांग्रेस के बीच सीटों का अंतर इतना बड़ा है कि इस बार मुकाबला सिर्फ जीत-हार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि परिणामों ने नगर परिषद की सत्ता के राजनीतिक संतुलन को ही एकतरफा कर दिया।
*निर्दलीयों ने भी छोड़ी अपनी छाप*
पुष्कर की सियासत में निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। दो वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है। वार्ड 11 से प्रियंका पाराशर पत्नी रवि बाबा ने भाजपा प्रत्याशी नीलम पाराशर को 143 मतों से हराया तो वही वार्ड 13 से निर्दलीय प्रत्याशी हिमांशु कुमावत ने भी शानदार जीत की और 232 वोटो से निर्दलीय उम्मीदवार लक्ष्मीनारायण लाला को हराया इसमें भाजपा के जयनारायण दगदी तीसरे नम्बर पर रहे।
जबकि भाजपा के 19 पार्षदों के मजबूत बहुमत के चलते इन दो सीटों की भूमिका बोर्ड गठन में निर्णायक नहीं होगी, लेकिन आने वाले समय में नगर परिषद की राजनीति में इन निर्वाचित निर्दलीय पार्षदों की भूमिका पर नजर जरूर रहेगी।
*अब नजर सभापति की कुर्सी पर
बोर्ड का गणित साफ होते ही पुष्कर की राजनीति का अगला बड़ा सवाल सामने आ गया है—नगर परिषद की सभापति की कुर्सी किसके हिस्से आएगी?
*भाजपा की ओर से रोहन बाकोलिया को सभापति पद का प्रबल दावेदार माना जा रहा है।
भाजपा के पास 19 पार्षदों का मजबूत समर्थन होने के कारण सभापति पद पर भी पार्टी की स्थिति बेहद मजबूत दिखाई दे रही है।
जबकि अंतिम फैसला भाजपा संगठन और पार्टी नेतृत्व की रणनीति के बाद ही सामने आएगा, लेकिन राजनीतिक गलियारों में रोहन बाकोलिया का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है।
*तीन चुनाव, तीन बार भाजपा का बोर्ड*
पुष्कर नगर परिषद की राजनीति में भाजपा के लिए यह नतीजा इसलिए भी खास है क्योंकि पार्टी लगातार तीसरी बार बोर्ड बनाने जा रही है।
*एक बार सत्ता, फिर दोबारा सत्ता और अब तीसरी बार सत्ता*
भाजपा ने पुष्कर में स्थानीय निकाय की राजनीति में लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की है ।
यह जीत भाजपा के लिए केवल 19 पार्षदों की जीत नहीं है। यह उस राजनीतिक पकड़ का संकेत भी है, जो पार्टी ने पुष्कर में लगातार मजबूत की है।
चुनाव परिणामों ने यह भी दिखा दिया कि पुष्कर की स्थानीय राजनीति में फिलहाल भाजपा और अन्य दलों के बीच बड़ा अंतर बना हुआ है।
*जीत के साथ बढ़ीं उम्मीदें
अब भाजपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती इस जीत को विकास की कसौटी पर साबित करने की होगी। लगातार तीसरी बार बोर्ड बनने के बाद शहरवासियों की उम्मीदें भी बढ़ना स्वाभाविक है।
पुष्कर धार्मिक और पर्यटन नगरी है। ऐसे में शहर की सफाई व्यवस्था, यातायात, पार्किंग, सड़कें, पेयजल, रोशनी, अतिक्रमण, पर्यटन सुविधाएं और शहर के सौंदर्यीकरण जैसे मुद्दे नई परिषद के सामने बड़ी प्राथमिकताएं रहेंगी।
जनता ने भाजपा को स्पष्ट बहुमत दिया है, ऐसे में अब विपक्ष की संख्या भले ही कम हो, लेकिन जनता की नजर नई परिषद के कामकाज पर जरूर रहेगी।
*भाजपा के शिव स्वरूप महर्षि और जयनारायण दगदी नहीं बचा पाए अपनी प्रतिष्ठा
भाजपा के पूर्व उपसभापति एवं पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष शिव स्वरूप महर्षि और जय नारायण दगदी अपनी प्रतिष्ठा नहीं बचा पाए शिवस्वरूप महर्षि लगातार तीन बार पार्षद का चुनाव जीत चुके थे वही जयनारायण दगदी लगातार चार बार चुनाव जीत चुके थे लेकिन इस बार दोनों को ही हार का सामना करना पड़ा।
*भाजपा के आठ में से साथ सात निवर्तमान पार्षद पुनः जीते*
बीजेपी के आठ में से 7 निवर्तमान पार्षद पुनःजीतकर नगर परिषद में पहुंचे हैं भाजपा के रोहन बाकोलिया वंदना पाराशर ,लक्ष्मी पाराशर ,धर्मेंद्र नागोरा ,भगवती भाटी ,विष्णु सेन और मुकेश कुमावत को जनता ने एक बार फिर मौका दिया तो वही जय नारायण दगदी इस बार चुनाव हार गए ।
*कांग्रेस के ओमप्रकाश डोलिया ने कांग्रेस की बचाई लाज
नगर परिषद के चुनाव में ओमप्रकाश डोलिया एकमात्र कांग्रेस के ऐसे पार्षद है जो लगातार दूसरी बार चुनाव जीत कर नगर परिषद में पहुंचे हैं।
*पुष्कर में फिर भाजपा का कमल*
*चुनाव परिणामों की पूरी तस्वीर पर नजर डालें तो जनादेश बिल्कुल स्पष्ट है*
भाजपा — 19 सीट
कांग्रेस — 4 सीट
निर्दलीय — 2 सीट
यानी 25 वार्डों की नगर परिषद में भाजपा ने अकेले दम पर ऐसा बहुमत हासिल किया है, जिसने बोर्ड गठन का रास्ता पूरी तरह आसान कर दिया है।
पुष्कर की सियासत में भाजपा की यह जीत अब सिर्फ चुनावी आंकड़ा नहीं, बल्कि लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की कहानी बन चुकी है।
नतीजों ने साफ कर दिया है कि पुष्कर नगर परिषद की सियासत में फिलहाल कमल का दबदबा कायम है। भाजपा ने 19 सीटों के साथ कांग्रेस को काफी पीछे छोड़ते हुए एक बार फिर नगर परिषद की सत्ता पर अपनी मजबूत पकड़ बना ली है।
अब सबकी निगाहें नई परिषद के गठन और सभापति के नाम पर टिकी हैं। अगर रोहन बाकोलिया को पार्टी नेतृत्व की ओर से हरी झंडी मिलती है, तो पुष्कर नगर परिषद की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू होगा।
*25 वार्डों का जनादेश सामने है*
19 कमल के साथ, 4 कांग्रेस के साथ और 2 निर्दलीयों के साथ। पुष्कर में भाजपा की लगातार तीसरी जीत… लगातार तीसरी बार बोर्ड… और स्थानीय राजनीति में भाजपा की शानदार जीत ।
*पुष्कर निकाय चुनाव रिजल्ट 2026*
वार्ड 01
तनुजा (भाजपा) – 136
इमरती (निर्दलीय) – 131
जीत का अंतर – 5 वोट
वार्ड 02
राजेंद्र बाकोलिया (भाजपा) – 489
अनिल (कांग्रेस) – 231
जीत का अंतर – 258 वोट
वार्ड 03
नरेंद्र (भाजपा) – 435
मधुसूदन पाराशर (कांग्रेस) – 280
जीत का अंतर – 155 वोट
वार्ड 04
शरपत सिंह रावत (भाजपा) – 728
भागचंद (कांग्रेस) – 552
जीत का अंतर – 176 वोट
वार्ड 05
वंदना पाराशर (भाजपा) – 228
सुनीता (कांग्रेस) – 173
जीत का अंतर – 55 वोट
वार्ड 06
भुवनेश पाठक (भाजपा) – 562
मुरलीधर (कांग्रेस) – 61
जीत का अंतर – 501 वोट
वार्ड 07
सुशीला (भाजपा) – 428
श्वेता पाराशर (कांग्रेस) – 284
जीत का अंतर – 144 वोट
वार्ड 08
अनुज पाराशर ‘बंटी’ (भाजपा) – 202
वैद्यनाथ (कांग्रेस) – 186
जीत का अंतर – 16 वोट
वार्ड 09
लक्ष्मी पाराशर (भाजपा) – 316
कंचन देवी (कांग्रेस) – 133
जीत का अंतर – 183 वोट
वार्ड 10
धर्मेंद्र (भाजपा) – 426
प्रेम प्रकाश (कांग्रेस) – 224
जीत का अंतर – 202 वोट
वार्ड 11
प्रियंका पाराशर (निर्दलीय) – 439
नीलम पाराशर (भाजपा) – 296
जीत का अंतर – 143 वोट
वार्ड 12
वेद प्रकाश (भाजपा) – 406
विजय सिंह (कांग्रेस) – 295
जीत का अंतर – 111 वोट
वार्ड 13
हिमांशु कुमावत (निर्दलीय) – 348
लक्ष्मीनारायण (निर्दलीय) – 116
जीत का अंतर – 232 वोट
वार्ड 14
पुष्कर नारायण भाटी (भाजपा) – 311
निर्मल (कांग्रेस) – 93
जीत का अंतर – 218 वोट
वार्ड 15
ओमप्रकाश डोल्या (कांग्रेस) – 357
शिव स्वरूप महर्षि (भाजपा) – 195
जीत का अंतर – 162 वोट
वार्ड 16
सुनीता नायक (कांग्रेस) – 251
अमीषा (भाजपा) – 118
जीत का अंतर – 133 वोट
वार्ड 17
अंजलि रामावत (भाजपा) – 279
कांता (कांग्रेस) – 17
जीत का अंतर – 262 वोट
वार्ड 18
भगवती भाटी (भाजपा) – 384
मोनिका सैनी (निर्दलीय) – 147
जीत का अंतर – 237 वोट
वार्ड 19
हरिशंकर चौहान (भाजपा) – 407
प्रशांत वर्मा (कांग्रेस) – 382
जीत का अंतर – 25 वोट
वार्ड 20
नीलम (भाजपा) – 267
उमा दागदी (कांग्रेस) – 265
जीत का अंतर – 2 वोट
वार्ड 21
विष्णु प्रसाद (भाजपा) – 278
आयुष गिरि गोस्वामी (कांग्रेस) – 88
जीत का अंतर – 190 वोट
वार्ड 22
मुकेश (भाजपा) – 542
जितेंद्र गहलोत (कांग्रेस) – 38
जीत का अंतर – 504 वोट
वार्ड 23
मोहित पाराशर (भाजपा) – 270
कालूराम (निर्दलीय) – 181
जीत का अंतर – 89 वोट
वार्ड 24
नारायण दायमा (कांग्रेस) – 347
मदन (भाजपा) – 150
जीत का अंतर – 197 वोट
वार्ड 25
जय कुमार (कांग्रेस) – 247
सुखराम (निर्दलीय) – 142
जीत का अंतर – 105 वोट
कुल परिणाम: भाजपा–19 | कांग्रेस–4 | निर्दलीय–2