निर्दलीय और आरएलपी पार्षदों के समर्थन पर टिकी नजरें, 21 सितंबर को होगा सभापति का चुनाव
अनिल कुमार खींची
ब्यावर।स्मार्ट हलचल|नगर परिषद ब्यावर में सभापति पद के चुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस ने अपनी-अपनी रणनीति तेज कर दी है। दोनों दलों ने विजयी पार्षदों को एकजुट रखने के लिए बाड़ेबंदी शुरू कर दी है। वहीं, निर्दलीय और आरएलपी पार्षदों के समर्थन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।मंगलवार सुबह विजयी पार्षद उपखंड अधिकारी कार्यालय पहुंचे, जहां रिटर्निंग ऑफिसर जयपाल सिंह राठौड़ के समक्ष पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। शपथ ग्रहण के बाद कांग्रेस समर्थित और निर्दलीय पार्षदों को अलग-अलग वाहनों से अज्ञातवास के लिए रवाना किया गया।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष किशोर सिंह चौधरी और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पारस पंच ने दावा किया कि निर्दलीय पार्षदों के सहयोग से कांग्रेस नगर परिषद में बोर्ड बनाने में सफल होगी। कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर निर्दलीय पार्षदों पर दबाव बनाने का आरोप भी लगाया।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने आरएलपी के निर्वाचित पार्षदों के कांग्रेस के समर्थन में आने का दावा किया है। हालांकि, समर्थन को लेकर अंतिम स्थिति सभापति चुनाव के दौरान ही स्पष्ट होगी।
60 वार्डों में भाजपा के 23, कांग्रेस के 20, निर्दलीय 13 और आरएलपी के 4 पार्षद विजयी हुए हैं। किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने के कारण सभापति चुनाव में निर्दलीय और आरएलपी पार्षदों की भूमिका निर्णायक मानी जा रही है।
21 सितंबर को होने वाले सभापति चुनाव में किस दल का प्रत्याशी बाजी मारेगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।