कोटड़ी श्याम फूलों और गुलाल से कल भक्तों संग खेलेंगे होली, पलाश के फूल और गेहूं की बालिओ से सजेगा ठाकुर जी का बागा

सवाईपुर ( सांवर वैष्णव ):- मेवाड़ के प्रमुख तीर्थ कोटड़ी श्याम मंदिर में शीतला अष्टमी का पर्व कल बुधवार को भव्य फागोत्सव पर फूलों व गुलाल की होली खेली जाएगी । सुबह मंदिर में फाग का कार्यक्रम होगा । ठाकुर जी के संग भक्त गुलाल व फूलों से होली खेलेंगे । इस कार्यक्रम में प्रदेश के कई शहरों से श्रद्धालु शामिल होंगे । कोटड़ी श्याम संग होली खेलने की परंपरा को निभाते हुए श्रद्धालु गुलाल व फूलों से होली खेलेंगे । यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओ की सबसे पहले भगवान चारभुजानाथ के दर्शन कर होली खेलने की शुरुआत होगी । मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष सुदर्शन गाडोदिया ने बताया कि मेवाड़ के प्रसिद्ध आस्था धाम श्री कोटड़ी चारभुजा नाथ मंदिर में बुधवार को भव्य फाग महोत्सव का आयोजन होगा । शीतला अष्टमी के उपलक्ष्य में होने वाले इस महोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है। कल बुधवार सुबह 9 से दोपहर 3:00 बजे तक मंदिर परिसर में भक्त अपने आराध्य के साथ मर्यादा में रहकर होली के रंगों में सराबोर होंगे । भजनों के साथ थिरकते हुए ठाकुरजी संघ फाग खेलेंगे । अध्यक्ष गाड़ोदिया ने बताया कि फाग महोत्सव की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं । उन्होंने विशेष रूप से भक्तों से अनुरोध किया है कि मन्दिर में गरिमा बनाए रखें । भक्त एक-दूसरे के कपड़े फाड़कर अर्द्धनग्न अवस्था में ना रहें और केवल गुलाल व फूलों से ही होली खेलें । पक्के रंगों का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा । महोत्सव की सबसे बड़ी विशेषता ठाकुरजी का पारंपरिक श्रृंगार है । भक्तों द्वारा जंगलों से लाए पलाश के फूल और गेहूं की सुनहरी बालियों से ठाकुरजी का विशेष बागा धारण करा श्रृंगार होगा । वही पलाश के फूलों को उबालकर बनाये प्राकृतिक केसरिया जल से कल कोटड़ी श्याम अपने भक्तों के साथ होली खेलेंगे । महोत्सव में विख्यात भजन गायक कलाकार गोकुल शर्मा, राजू रावल, पूरण गुर्जर, युवराज वैष्णव और दिनेश राठौड़ फाग के गीतों की प्रस्तुतियां देंगे । श्रद्धालुओं के लिए विशाल स्तर पर प्रसाद की व्यवस्था की गई, जिसमे 1100 लीटर दूध, 300 किलो चावल, 200 किलो शक्कर और ड्राई फ्रूट्स से ‘मीठा ओलिया’ तैयार होगा । साथ ही 1000 लीटर केसरिया ठंडाई, 700 किलो चिप्स-पापड़, माखन-मिश्री, गुड़ चूरमा और फूट सलाद का वितरण होगा । 251 किलो फूलों से दरबार सजेगा और 500 किलो गुलाल का उपयोग होगा ।।