ससुराल से निकाली विधवा, बेटी संग 10 दिन से बरामदे में बैठी

पति के हिस्से की संपत्ति के लिए एसपी से मुख्यमंत्री पोर्टल तक शिकायत, ससुर-देवर पर मारपीट व प्रताड़ना का आरोप

खखरेरू/स्मार्ट हलचल|फतेहपुर मुबारकपुर गेरिया गांव में पति की मौत के बाद उसके हिस्से की संपत्ति में अधिकार पाने के लिए एक विधवा महिला अपनी बेटी के साथ करीब 10 दिन तक ससुराल के बरामदे में रहने को मजबूर रही। महिला ने ससुर और देवर पर घर से निकालने, मारपीट करने और खाना-पानी नहीं देने का आरोप लगाया है। न्याय के लिए पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय से लेकर मुख्यमंत्री पोर्टल तक शिकायत की है।
पीड़िता की बेटी स्मृति पाल के अनुसार, उसके पिता की वर्ष 2007 में कानपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। उस समय उसकी मां गर्भवती थी। इसके बाद वह मां के साथ मायके कौशांबी जनपद के टीकरदेऊरी भरवारी चली गई थी। आरोप है कि ससुराल पक्ष ने उन्हें वापस बुलाने के बजाय लंबे समय तक आश्वासन दिया।
स्मृति ने बताया कि जून में उसकी मां उसके साथ मुबारकपुर गेरिया स्थित ससुराल पहुंचीं तो ससुर और देवर ने उन्हें घर में रखने से इनकार कर दिया। इसके बाद थाने में तहरीर देकर पति के हिस्से की संपत्ति में अधिकार दिलाने की मांग की गई। पीड़िता का आरोप है कि इसके बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
महिला के मुताबिक, सितंबर में वह दोबारा ससुराल पहुंची तो ससुर और देवर ने संपत्ति में हिस्सा देने से इनकार कर दिया और मां-बेटी के साथ मारपीट की। इसके बाद दोनों बरामदे में रहने को मजबूर हो गईं। बेटी ने अपने चाचा पर उसके साथ मारपीट करने और बाथरूम जाने के दौरान साइकिल से पीछा करने जैसी हरकतें करने का भी आरोप लगाया है। रविवार को महिला की बहन ने दोनों को खाना खिलाया।
सोमवार को हल्का दरोगा मौके पर पहुंचे। पीड़िता के अनुसार, दरोगा ने विधवा महिला और उसकी बेटी को दरवाजे के सामने से हटकर कहीं और चले जाने की नसीहत दी। पीड़िता का आरोप है कि इसके बाद मां-बेटी को अपना घर छोड़कर गांव में दूसरी जगह रहने को मजबूर होना पड़ा।
पीड़िता का कहना है कि पति के हिस्से के मकान और संपत्ति में अधिकार दिलाने तथा मारपीट व प्रताड़ना के मामले में कार्रवाई के लिए कई स्तरों पर शिकायत की गई, लेकिन अभी तक न्याय नहीं मिला है।
थाना प्रभारी सत्यपाल सिंह ने बताया कि इस संबंध में हमने उप जिलाधिकारी को लिखित दे दिया है मौके पर शांति व्यवस्था कायम है।