त्रिशंकु परिणाम के बाद भाजपा-कांग्रेस के सामने निर्दलीय पार्षदों का समर्थन जुटाने की चुनौती, 21 सितंबर को होगा चेयरमैन का चुनाव
नीरज मीणा
मंडावर। स्मार्ट हलचल/नगर पालिका चुनाव के परिणाम सामने आने के बाद अब चेयरमैन की कुर्सी को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। चुनाव में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने से नगर पालिका में सत्ता का समीकरण त्रिशंकु स्थिति में पहुंच गया है। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए निर्दलीय पार्षदों का समर्थन महत्वपूर्ण हो गया है।
चुनाव परिणाम के अनुसार भाजपा को 10 सीटें, कांग्रेस को 8 सीटें मिली हैं, जबकि 7 निर्दलीय पार्षदों ने भी जीत दर्ज की है। बहुमत के लिए आवश्यक संख्या पूरी नहीं होने के कारण अब चेयरमैन पद के चुनाव को लेकर दोनों प्रमुख दलों की नजर निर्दलीय पार्षदों पर टिकी हुई है।
*निर्दलीय पार्षदों की भूमिका अहम*
नगर पालिका में सात निर्दलीय पार्षदों के चुनाव जीतने के बाद उनका महत्व बढ़ गया है। चेयरमैन चुनाव में इनके समर्थन से राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही अपने-अपने स्तर पर बहुमत का आंकड़ा जुटाने के लिए प्रयास कर सकते हैं।
त्रिशंकु परिणाम के चलते आने वाले दिनों में राजनीतिक बैठकों और पार्षदों के बीच संपर्क का दौर तेज होने की संभावना है। हालांकि किस दल को निर्दलीय पार्षदों का समर्थन मिलेगा, इसे लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है।
*पार्टी के भीतर भी समीकरण पर नजर*
चुनाव परिणाम के बाद दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के सामने अपने पार्षदों को एकजुट रखने की चुनौती भी रहेगी। चेयरमैन पद के चुनाव को लेकर स्थानीय स्तर पर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। संभावित समीकरणों को लेकर समर्थकों और कार्यकर्ताओं में भी उत्सुकता बनी हुई है।
*21 सितंबर को होगा फैसला*
चेयरमैन पद के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब सभी की निगाहें 21 सितंबर को होने वाले चुनाव पर हैं। गुप्त मतदान के माध्यम से चेयरमैन का चुनाव होगा। मतदान के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि नगर पालिका की कमान किसके हाथ में जाएगी।
फिलहाल मंडावर नगर पालिका की राजनीति में सात निर्दलीय पार्षदों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण मानी जा रही है। चुनाव परिणाम ने जहां दोनों प्रमुख दलों को बहुमत से दूर रखा है, वहीं चेयरमैन चुनाव को लेकर मुकाबला और भी रोचक बना दिया है।
अब 21 सितंबर को होने वाला मतदान ही तय करेगा कि मंडावर नगर पालिका की चेयरमैन की कुर्सी पर किसका कब्जा होता है।